By दिनेश शुक्ल | May 27, 2021
भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में वन क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए दी जाने वाली अनुमतियों में इस बात का पूरा ध्यान रखा जाए कि विकास कार्यों से प्रदेश के वनों एवं वन्य-प्राणियों को कोई नुकसान न हो। वन्य-प्राणियों के विरूद्ध अपराध करने वालों के विरूद्ध न केवल तुरंत कार्रवाई हो, बल्कि उन्हें सजा भी मिलना भी सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जंगली जानवरों से जनता को कोई हानि न हो, इसके लिए भी पूरे प्रयास किए जाएँ। मुख्यमंत्री चौहान गुरूवार को मंत्रालय में मध्य प्रदेश राज्य वन्य-प्राणी बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में वन मंत्री कुंवर डॉ. विजय शाह, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव वन अशोक वर्णवाल आदि उपस्थित थे।
बैठक में संजय टाइगर रिजर्व में कटनी-सिंगरौली रेल लाइन दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण कार्य को शर्तों के साथ अनुमति प्रदान की गई। इसे भारत सरकार को शर्तों के साथ भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सिंगरौली दूरस्थ क्षेत्र है। यहाँ रेल लाइन दोहरीकरण होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा सोनचिरैया पक्षी के संबंध में घाटीगाँव अभयारण्य का सर्वे करवाया जाए। करेरा अभयारण्य में वर्ष 1994 से सोनचिरैया नहीं दिखने पर भारत सरकार द्वारा इसे डीनोटिफाई कर दिया गया है। मध्यप्रदेश में सोनचिरैया (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड) पक्षी विलुप्ति की कगार पर है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र में जंगली हाथियों द्वारा ग्रामीणों को नुकसान न हो, ऐसे प्रयास किए जाएँ। इसके लिए विशेषज्ञों का समूह बनाया जाए, जो देश-दुनिया के बचाव के उपायों का अध्ययन कर रिपोर्ट दे। इस दौरान वन मंत्री कुंवर डॉ. विजय शाह ने बताया कि मध्यप्रदेश में वन्य-प्राणियों के उपचार की आधुनिकतम सुविधाएँ हैं। जबलपुर में सर्वसुविधायुक्त अस्पताल है। अब आधुनिकतम ऑपरेशन टेबिल और वेंटिलेटर भी आ गए हैं। अभी दो इन्क्यूबेटर स्वीकृत किए गए हैं। शीघ्र ही जबलपुर में अंतराष्ट्रीय वन्य-प्राणी संरक्षण कान्फ्रेंस भी आयोजित की जाएगी।