By अनुराग गुप्ता | Apr 18, 2022
मुंबई। लाउडस्पीकर विवाद को लेकर महाराष्ट्र सरकार सख्त नजर आ रही है। ऐसे में महाराष्ट्र सरकार ने फैसला किया है कि किसी भी धार्मिक स्थल पर लाउडस्पीकर लगाने से पहले प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। जिसका मतलब साफ है कि बिना किसी अनुमति के लाउजस्पीकर को नहीं बजाया जा सकता है।
समाचार एजेंसी एएनआई ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के हवाले से बताया कि हम राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर बनाए हुए हैं। राज्य में शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच नासिक पुलिस कमिश्नर ने एक आदेश जारी कर लाउडस्पीकरों की अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया है। उन्होंने आदेश में कहा कि लिखित अनुमति मिलने के बाद ही लाउडस्पीकर लगाए जा सकेंगे। ऐसे में अगर बिनी अनुमति के कोई लाउडस्पीकर लगाता है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। नासिक पुलिस कमिश्नर दीपक पांडे ने बताया कि लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा या भजन बजाने की अनुमति लेनी होगी और अज़ान से पहले और बाद में 15 मिनट के भीतर इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मस्जिद के 100 मीटर के दायरे में इसकी अनुमति नहीं होगी। इस आदेश का उद्देश्य कानून और व्यवस्था बनाए रखना है।
ठाकरे ने सरकार को दिया अल्टीमेटम
लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर विवाद उस वक्त गर्मा गया जब मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार को 3 मई तक का अल्टीमेटम देते हुए मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने की मांग की। उन्होंने कहा था कि अगर महाराष्ट्र सरकार ने 3 मई से पहले मस्जिदों से लाउडस्पीकर नहीं हटाए तो मनसे कार्यकर्ता मस्जिदों के सामने हनुमान चालीसा बजाएंगे। यह धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक मुद्दा है क्योंकि लाउडस्पीकर से सभी को परेशानी होती है।