महापौर व अध्यक्ष पद के आरक्षण पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की रोक

By दिनेश शुक्ल | Mar 13, 2021

ग्वालियर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने महापौर एवं अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने पर इनके चुनाव पर रोक लगा दी है। साथ ही राज्य शासन से प्रक्रिया के पालन के लिए अप्रैल माह तक जवाब देने को कहा है। जिसको लेकर चुनावी आरक्षण को लेकर लंबित अन्य तीन याचिकाओं के साथ सुनवाई होगी।

इसे भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में कोरोना के 675 नये मामले, दो लोगों की मौत

याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि इससे पहले इंदरगढ, दतिया तथा डबरा में नगर पालिका अध्यक्ष एवं नगर परिषद अध्यक्ष के आरक्षण में नियमों का पालन नहीं होने पर उच्च न्यायालय द्वारा रोक लगाई जा चुकी है। याचिकाकर्ता का कहना था कि इस मामले में आरक्षण में रोटेशन का पालन नहीं किया गया है। इसलिए शासन द्वारा किए गए आरक्षण को निरस्त कर नियमानुसार आरक्षण किए जाने के निर्देश शासन को दिए जाये। अतिरिक्त महाधिवक्ता द्वारा न्यायालय को बताया गया कि अभी तक किसी भी नगर पालिका या नगर निगम के चुनाव की घोषणा नहीं की गई है। न्यायालय ने पाया कि शासन द्वारा आरक्षण की प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है इससे वे लोग प्रभावित होंगे जिन्हें इसका लाभ मिलना चाहिए था, लिहाजा आरक्षण पर रोक लगा दी गई है।

प्रमुख खबरें

Delhi में सुरक्षा पहरे के बीच प्रदर्शनकारी Connaught Place वॉशरूम और गुरुद्वारे में छिपे, कई हिरासत में

Donald Trump ने Truth Social पर पूछा सवाल, 8 युद्ध सुलझाने पर भी क्यों नहीं मिला नोबेल

उत्तराखंड के Hemkund Sahib के कपाट शीतकाल के लिए बंद, 3.84 लाख श्रद्धालुओं ने टेका मत्था

US हमलों के बावजूद बातचीत नहीं छोड़ेगा Iran, बैठक में Vladimir Putin ने बढ़ाया हाथ