By अनन्या मिश्रा | Jan 13, 2026
मां कामाख्या देवी शक्ति की सबसे पूजनीय रूपों में से एक हैं। मां कामाख्या असीम आध्यात्मिक शक्ति और तंत्र साधना से जुड़ी देवी हैं। मां कामाख्या की दिव्य ऊर्जा का आह्वान इच्छाओं की पूर्ति, आध्यात्मिक उन्नति और समस्याओं के समाधान के लिए किया जाता है। असम में पवित्र कामाख्या मंदिर है।
असम में स्थित कामाख्या मंदिर तंत्र साधना का एक प्रसिद्ध केंद्र है और यह 51 शक्तिपीठों में से एक है। मां कामाख्या की पूजा और मंत्र जाप करने से व्यक्ति अपने जीवन की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से समाधान कर सकते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कामाख्या देवी के मंत्र का महत्व और जप विधि के बारे में बताने जा रहे हैं।
कामाख्ये कामसम्पन्ने कामेश्वरि हरप्रिये ।
कामनां देहि मे नित्यं कामेश्वरि नमोऽस्तु ते ॥
'क्लीं क्लीं कामाख्या क्लीं क्लीं नमः'
मां कामाख्या के इस मंत्र का रोजारा सुबह स्नान आदि करने के बाद पूजा स्थान पर बैठकर 3 माला जप करना चाहिए। मंत्र जाप शुरू करने से पहले मां कामाख्या का मन में स्मरण करना चाहिए और कृपा व आशीर्वाद पाने के लिए अरदास लगाना चाहिए। लगातार 41 दिनों तक इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आने लगती है।
मां कामाख्या के बीज मंत्र का जाप करने से व्यक्ति के आकर्षण में वृद्धि होती है और उनको अपने साथी के प्रति अधिक आकर्षण बना सकता है। इस मंत्र के मदद से आप एक सफल प्रेम जीवन जी सकते हैं।
कामाख्या बीज मंत्र का जाप करने से रचनात्मकता और उत्पादकता बढ़ती है। ऐसे में इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति अपने विचारों को अधिक स्पष्ट रूप से व्यक्त कर पाता है और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करता है।
इस मंत्र के लगातार 41 दिन जाप करने से व्यक्ति का आत्मविश्वास और शक्ति बढ़ती है। यह व्यक्ति के जीवन में चुनौतियों का सामना करने और लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक हो सकता है।
इसका जाप करने से व्यक्ति को सफलता मिलती है। यह मंत्र व्यक्ति को मां कामाख्या की शक्तियों तक पहुंचने और उनको अपने जीवन में प्रकट करने में सहायता करता है।
कामाख्या मंत्र का जाप करने से जातक की हर मनोकामना पूरी होती है।