'एकनाथ शिंदे को नहीं है पद की कोई लालसा', फडणवीस की शान में पढ़े कसीदे , बोले- ग्राम पंचायत का भी पद कोई नहीं छोड़ता...

By अनुराग गुप्ता | Jun 30, 2022

मुंबई। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को राजभवन में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की। इसके बाद देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एकनाथ शिंदे बतौर मुख्यमंत्री समर्थन देने का ऐलान करके सभी को चौंका दिया। ऐसे में एकनाथ शिंदे शाम 7 बजकर 30 मिनट पर राजभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। आज सिर्फ एकनाथ शिंदे ही शपथ लेंगे और बाद में मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। 

पद की नहीं है कोई लालसा

एकनाथ शिंदे ने कहा कि शिवसेना के 40 विधायक और निर्दलियों को मिलाकर कुल 50 विधायकों का समर्थन है। हम सब लोग एकसाथ हैं। पिछले कुछ दिनों से हम लोग लगातार बात कर रहे हैं। हम लोगों ने हमारे शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे जी की हिंदुत्व की भूमिका और उनके जो विचार हैं, उन्हें आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। हमें कोई स्वार्थ नहीं है, हमें कोई पद की लालसा नहीं है। मैंने पहले भी जाहिर किया था कि मुझे किसी चीज की आवश्यकता नहीं है लेकिन आप लोगों ने अभी तक कई घटनाएं देखी हैं। विपक्ष से लोग सत्ता पक्ष की तरफ जाते हैं। लेकिन हम लोग सत्ता पक्ष में थे, मेरे साथ कई विधायक और मंत्री जिनकी संख्या 50 है।

इसी बीच उन्होंने देवेंद्र फडणवीस को धन्यवाद दिया और कहा कि देवेंद्र फडणवीस ने यहां पर कहा कि हम लोग बालासाहेब ठाकरे जी के शिवसैनिक को समर्थन दे रहे हैं, यह उनके दिल का बहुत बड़ा बड़प्पन है। ऐसा कोई करता नहीं है, जिसके पास 120 विधायक हो। ऐसा कोई ग्राम पंचायत और नगर सेवक का पद नहीं छोड़ता है, ये तो मुख्यमंत्री पद है। उन्होंने कहा कि शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे जी के सैनिक को सपोर्ट किया है। इसलिए मैं आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और देवेंद्र फडणवीस जी को धन्यवाद देता हूं। 

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कौन हैं एकनाथ शिंदे ?

आपको बता दें कि साल 1997 में एकनाथ शिंदे पहली बार पार्षद चुने गए थे। जबकि साल 2004 में पहली बार ठाणे से चुनकर विधानसभा पहुंचने में सफल हुए थे। इसके बाद 2009, 2014 और 2019 में लगातार जीत दर्ज की। साल 2014 में एकनाथ शिंदे को शिवसेना के विधायक दल का नेता चुना गया था। साल 2019 में जब शिवसेना ने भाजपा के साथ गठबंधन समाप्त कर महा विकास अघाड़ी में जाने का निर्णय लिया, तब भी उन्हें पार्टी विधायक दल का नेता बनाया गया था। इसके अतिरिक्त एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र विधानसभा में नेता विपक्ष भी रह चुके हैं।

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