By रेनू तिवारी | Aug 20, 2026
कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की हालिया बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता (LoP) मल्लिकार्जुन खड़गे का दर्द छलक पड़ा। सूत्रों के अनुसार, खड़गे ने पार्टी नेताओं के रवैये पर गहरी निराशा जताई और कहा कि हाल ही में सामने आए 'शुद्धिकरण' विवाद पर कई वरिष्ठ नेताओं ने खुलकर उनका साथ नहीं दिया, जिससे वे बेहद 'आहत' और परेशान हैं। सूत्रों के अनुसार, राज्यसभा में विपक्ष के नेता (LoP) ने CWC सदस्यों से कहा कि उन्हें इस मामले में खुलकर उनका साथ देना चाहिए था, लेकिन वे ऐसा करने में नाकाम रहे, जिससे उन्हें निराशा और दुख हुआ।
सोमवार को गोवा में एक कार्यक्रम में खड़गे ने कहा, "आप (BJP) धर्म-विरोधी हैं क्योंकि जब मेरे जैसा व्यक्ति उत्तराखंड जाता है और लाखों लोगों के सामने भाषण देता है, तो दो दिन बाद आप उस इमारत में शुद्धिकरण समारोह आयोजित करते हैं।" "क्या आपका धर्म यह सिखाता है? क्या आपके लोग यह सिखाते हैं? क्या आपके गुरु आपको ऐसा करने के लिए कहते हैं?"
संसद में विवाद
कांग्रेस अध्यक्ष ने 13 अगस्त को संसद के मॉनसून सत्र के आखिरी दिन राज्यसभा में भी यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में उनकी रैली कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था और उन्होंने केवल वे मुद्दे उठाए जिनका सामना लोग कर रहे थे।
विवाद बढ़ने पर बीजेपी ने खुद को इस घटना से अलग कर लिया। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि बीजेपी ऐसी चीजों का समर्थन नहीं करती है; हालांकि, उन्होंने मामले की गहन जांच का वादा किया।
राज्यसभा में सदन के नेता नड्डा ने कहा, "हम इसकी जांच करेंगे। हालांकि, अगर खड़गे जी इसके लिए हम पर आरोप लगा रहे हैं, तो यह स्वीकार्य नहीं है। जिसने भी ऐसा किया है, वह गलत है। इसे सनसनीखेज न बनाएं।"
इस बीच, खड़गे को विपक्षी नेताओं का समर्थन मिला है, जिसमें बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती भी शामिल हैं, जिन्होंने पुलिस कार्रवाई की मांग की है। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने इस महीने की शुरुआत में X (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, "यह मामला बेहद निंदनीय और बहुत चिंताजनक है।"
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