By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 29, 2021
केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और पश्चिम बंगाल पुलिस का एक विशेष जांच दल (एसआईटी) विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामलों की जांच कर रहा है, जिसमें कई लोग हताहत हुए और मकानों तथा कई इमारतों में आग लगा दी गई थी। मुख्य विपक्षी दल भाजपा की चुनावी रैलियों में उसके लगभग सभी शीर्ष नेताओं ने ‘‘हिंदुत्व’’ की बात की। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने भगवा पार्टी को रोकने के लिए ‘‘बांग्ला गौरव’’ का आह्वान किया और 294 सदस्यीय विधानसभा में 213 सीट पर जीत हासिल की। वहीं, भाजपा को 77, निर्दलीय और आईएसएफ के उम्मीदवार को एक-एक सीटें मिली। ‘करो या मरो’ वाले विधानसभा चुनाव में, 34 साल तक बंगाल पर शासन करने वाला वाम मोर्चा खाता भी नहीं खोल पाया और कांग्रेस के हाथ भी एक सीट भी नहीं आई। बंगाल में बड़ी जीत के बाद जोश से भरी तृणमूल ने त्रिपुरा, मेघालय और गोवा में भी अपनी पार्टी का विस्तार करने की तैयारी शुरू कर दी है। चुनाव के बाद भी, बंगाल में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच गतिरोध साल भर जारी रहा।