By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 18, 2019
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ मंगलवार को दिन भर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का इंतजार करते रह गए कि वह उनके आग्रह का जवाब देंगी और संशोधित नागरिकता कानून को लेकर राज्य में हो रहे धरना-प्रदर्शन के मद्देनजर वर्तमान स्थिति से उन्हें अवगत कराएंगी। लेकिन मुख्यमंत्री नहीं गईं। विभिन्न मुद्दों पर राज्य सरकार से गतिरोध की स्थिति का सामना करने वाले धनखड़ ने बनर्जी से सोमवार को मुलाकात करने तथा हिंसा पर उन्हें जानकारी देने के लिए कहा था। हालांकि, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक भी संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन को लेकर राज्य की स्थिति के बारे में राज्यपाल को बताने के लिए नहीं पहुंचे थे। उसके बाद धनखड़ ने सोमवार को मुख्यमंत्री से उन्हें व्यक्तिगत रूप से चीजों के बारे में बताने को कहा था।
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प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, ‘‘क्या इस तरीके से राज्य के राज्यपाल के साथ व्यवहार किया जाता है? न तो मुख्यमंत्री और न ही वरिष्ठ अधिकारी उन्हें स्थिति से अवगत करा रहे हैं। राज्य सरकार कुछ छिपाने की कोशिश कर रही है इसलिए वे राज्यपाल से मुलाकात नहीं कर रहे हैं।’’ घोष ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ‘‘दोहरा खेल’’ खेल रही हैं। एक ओर वह मुस्लिमों को नागरिकता कानून पर हिंसक प्रदर्शन करने के लिए कह रही हैं और उसी वक्त शरणार्थियों से यह कह रही हैं कि उन्हें राज्य में घुसने नहीं दिया जाएगा। इस बीच, टीएमसी सूत्रों ने बताया कि बनर्जी संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ बृहस्पतिवार और शुक्रवार को शहर में दो और रैलियां करेंगी। वह 19 दिसंबर को रानी रासमणि रोड पर एक रैली को संबोधित करेंगी और अगले दिन अल्पसंख्यक बहुल पार्क सर्कस इलाके में रैली करेंगी।