By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 30, 2026
कर्नाटक के अधिकारों की पैरोकारी करने वाले कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को मांड्या में कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) के उस आदेश के खिलाफ अपना विरोध-प्रदर्शन तेज कर दिया, जिसमें राज्य को तमिलनाडु के लिए 15 दिनों तक कावेरी नदी का 3,500 क्यूसेक (घन फुट प्रति सेकंड) पानी प्रतिदिन छोड़ने का निर्देश दिया गया है। विरोध-प्रदर्शन के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ के पोस्टर फाड़ दिए। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से अपील की कि वह दबाव में न आए और तमिलनाडु के लिए कावेरी का पानी न छोड़े।
प्रदर्शनकारियों ने सिनेमाघर के बाहर फिल्म के पोस्टर फाड़ दिए और सीडब्ल्यूआरसी के आदेश के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त (कलेक्टर) के जरिए कर्नाटक सरकार को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें पड़ोसी राज्य को कावेरी का पानी न छोड़ने की अपील की गई। प्रदर्शनकारियों में से एक ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, कृपया उन्हें (संबंधित अधिकारियों को) बताएं कि हमारे पास पीने का पानी तक नहीं है और न ही हमारे मवेशियों के लिए पानी है।
लोग बहुत मुश्किल स्थिति में हैं। उनसे अनुरोध करें कि वे हमें थोड़ा और समय दें।’’ प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पीने के पानी की उपलब्धता को लेकर चिंताओं के कारण कर्नाटक कावेरी का ‘‘एक बूंद’’ पानी भी नहीं दे सकता और चेतावनी दी कि अगर राज्य सरकार तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ने का फैसला करती है तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों के एक और समूह ने मैसुरु-बेंगलुरु राजमार्ग पर एम. विश्वेश्वरैया की प्रतिमा के पास सड़क को अवरूद्ध कर दिया, जिससे वाहनों की आवाजाही बाधित हुई।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और यातायात बहाल करने के लिए उन्हें एहतियाती हिरासत में रखा। मैसुरु में, प्रदर्शनकारियों ने अग्रहारा सर्कल पर खाली घड़ा लेकर प्रदर्शन किया और किसी भी परिस्थिति में कावेरी का पानी तमिलनाडु को न छोड़े जाने की मांग की। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बुधवार को कहा था कि राज्य कावेरी का पानी छोड़ने के आदेश के खिलाफ अपील करेगा।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस मामले में कानूनी जवाब तैयार कर रही है और उचित मंच के जरिए तत्काल राहत की मांग करेगी। शिवकुमार ने तमिलनाडु के अपने समकक्ष को कावेरी जलाशयों का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया है, ताकि वे भीषण सूखे के कारण पानी की मौजूदा कमी को खुद देख सकें।