By अंकित सिंह | Sep 12, 2023
मराठा आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे पाटिल मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस और उदयन राजे भोसले की मौजूदगी में अपनी भूख हड़ताल तोड़ने पर सहमत हो गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि वह भूख हड़ताल तोड़ देंगे लेकिन आंदोलन स्थल से नहीं हटेंगे। इस बीच उन्होंने मराठा समुदाय के आरक्षण के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए सरकार को एक महीने का समय दिया है। उन्होंने 12 अक्टूबर को मराठा समाज की एक बड़ी बैठक का ऐलान किया है।
वहीं, मराठा आरक्षण की मांग को लेकर अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने मंगलवार को कहा था कि जब तक सरकार महाराष्ट्र में उनके समुदाय को आरक्षण देने का आदेश जारी नहीं करती, तब तक वह अपना अनशन जारी रखेंगे। मराठा समुदाय के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की मांग को लेकर करीब 40 वर्षीय जरांगे मध्य महाराष्ट्र के जालना जिले के अंतरवाली सरती गांव में 29 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। जरांगे ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं अपना अनशन तब तक जारी रखूंगा, जब तक राज्य सरकार मराठा समुदाय को आरक्षण देने का आदेश जारी नहीं करती।