By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 23, 2026
महाराष्ट्र तटीय क्षेत्र प्रबंधन प्राधिकरण (एमसीजेडएमए) ने 7.12 किलोमीटर लंबी ‘ठाणे तटीय सड़क-2’ परियोजना के मूल मार्ग को बिना किसी बदलाव के मंजूरी दे दी है। यह सड़क ‘ठाणे क्रीक फ्लेमिंगो अभयारण्य’ के पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील क्षेत्र (ईएसए) से होकर गुजरेगी, जिसके चलते 680 मैंग्रोव (तटीय दलदली वन) नष्ट हो जाएंगे। ‘मैंग्रोव’ ऐसे सदाबहार तटीय दलदली वन होते हैं जो खारे पानी में उगते हैं और समुद्र या खाड़ी के किनारे की ज़मीन को बहने से रोकते हैं।
दस्तावेज में कहा गया है कि निर्माण कार्य के दौरान 1,053 अन्य मैंग्रोव क्षतिग्रस्त होंगे जिन्हें बाद में पुनर्स्थापित किया जाएगा, जबकि शेष 2,021 मैंग्रोव को काफी हद तक अछूते रहेंगे। इससे पहले अगस्त में, एमसीजेडएमए ने अपने फैसले को टाल दिया था और एमएमआरडीए से मैंग्रोव तथा पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील क्षेत्र को कम से कम नुकसान पहुंचाने के लिए वैकल्पिक मार्गों की तलाश करने को कहा था। हालांकि, एमएमआरडीए ने प्राधिकरण को सूचित किया कि ‘‘ऐसा कोई दूसरा मार्ग नहीं है जिससे मैंग्रोव को बड़े पैमाने पर बचाया जा सके’’, क्योंकि प्रस्तावित मार्ग पश्चिम की तरफ बने मौजूदा ढांचों और पूर्व की तरफ ठाणे खाड़ी के बीच में स्थित है।
विकास प्राधिकरण ने मैंग्रोव को नुकसान से बचाने और खंभों की संख्या कम करने के लिए सड़क को ‘एलिवेटेड वायाडक्ट’ (जमीन से ऊपर उठे सेतु मार्ग) के रूप में बनाने तथा दो खंभों के बीच की दूरी 30 मीटर से बढ़ाकर 50 मीटर करने का प्रस्ताव दिया है। यह 7.129 किलोमीटर लंबा नया गलियारा मुलुंड पूर्वी के आनंद नगर से ठाणे के बालकुम तक ठाणे क्रीक के किनारे बनेगा।