एक दूसरे के पूरक हैं मीडिया और आरटीआई : उदय माहुरकर

By दिनेश शुक्ल | Dec 18, 2020

नई दिल्ली। ''सूचना का अधिकार और पत्रकारिता ने एक दूसरे को पूरक के रूप में अंगीकार कर लिया है। इस तरह यह अधिकार और इसके लिए बना कानून पत्रकारिता के कार्य में महत्वपूर्ण सहयोग दे रहा है, वहीं पत्रकारिता ने इस कानून के बनने, स्थापित होने और इसे बचाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।'' यह विचार भारत सरकार के सूचना आयुक्त उदय माहुरकर ने शुक्रवार को भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) द्वारा आयोजित कार्यक्रम 'शुक्रवार संवाद' में व्यक्त किए। इस अवसर पर आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी एवं अपर महानिदेशक (प्रशिक्षण) श्रीमती ममता वर्मा भी मौजूद थीं। 

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भारत सरकार के सूचना आयुक्त माहुरकर ने कहा कि सूचना तक पहुंच का अधिकार समाज के गरीब और कमज़ोर वर्गों को सार्वजनिक नीतियों और कार्यों के बारे में जानकारी मांगने और प्राप्त करने हेतु सशक्त बनाता है, जिससे उनका कल्याण संभव हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार तथा नागरिक संस्थानों को मिलकर आरटीआई अधिनियम को और अधिक मज़बूत करने का प्रयास करना चाहिये, जिससे प्रशासन में भ्रष्टाचार पर नियंत्रण के साथ साथ लोगों की भागीदारी भी बढ़ेगी।

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इस अवसर पर आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा कि पत्रकारों एवं आम नागरिकों को आरटीआई का प्रयोग लोकहित में करना चाहिए, तभी सूचना का अधिकार आमजन के अधिकार के तौर पर सार्थक होगा। कार्यक्रम का संचालन प्रो. शाश्वती गोस्वामी ने तथा स्वागत भाषण प्रो. प्रमोद कुमार ने किया। आईआईएमसी ने देश के प्रख्यात विद्वानों से विद्यार्थियों का संवाद कराने के लिए 'शुक्रवार संवाद' नामक कार्यक्रम की शुरुआत की है।

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