By नीरज कुमार दुबे | Jul 28, 2026
जैसे जैसे 5 अगस्त की तारीख करीब आ रही है वैसे वैसे जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 का मुद्दा फिर से जोर पकड़ रहा है। हम आपको याद दिला दें कि मोदी सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटा दिया था और राज्य से लद्दाख को अलग कर दिया था। साथ ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का स्वरूप दे दिया गया था। जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दल समय समय पर अनुच्छेद 370 की बहाली की मांग उठाते रहे हैं। हालांकि राज्य में सत्तारुढ़ नेशनल कांफ्रेंस ने अब अपना मुख्य जोर पूर्ण राज्य के दर्जे की वापसी पर लगा दिया है। इसी क्रम में संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत वाले दिन नेशनल कांफ्रेंस के नेताओं ने जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य के दर्जे की बहाली की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन किया था। उस प्रदर्शन से विपक्षी पीडीपी ने दूरी बनाये रखी थी जिस पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तीखे सवाल उठाये थे। अब पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी अनुच्छेद 370 की बहाली और ‘कश्मीर मुद्दे के समाधान’ की मांग को लेकर पांच अगस्त को पूरे जम्मू-कश्मीर में जिला मुख्यालयों पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेगी।
हम आपको याद दिला दें कि पीडीपी अध्यक्ष ने 23 जुलाई को जंतर-मंतर का दौरा किया था और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नेतृत्व में हो रहे विरोध प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया था। दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि कश्मीर में हालात अलग हैं, क्योंकि वहां सुरक्षा बल उग्रवाद से लड़ रहे हैं।