महबूबा मुफ्ती ने कही भड़काऊ बातें, कश्मीर में सुरक्षा बढ़ी तो धर्म याद आ गया

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 03, 2019

श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे के संबंध में कुछ संभावित बड़े फैसले को लेकर घाटी में बढ़ती अटकलों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को कहा कि ‘‘अब मामला आर-पार का हो चुका है और भारत ने जनता के बजाय जमीन को तरजीह दी है।'' महबूबा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वह राज्य के विशेष दर्जे के साथ छेड़छाड़ ना करें। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम के नतीजे अच्छे नहीं होंगे। महबूबा ने अन्य पार्टियों के नेताओं के साथ शुक्रवार रात को राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मुलाकात की और उनसे उन ‘‘अफवाहों को खारिज करने का अनुरोध किया जिससे घाटी में भय का माहौल पैदा हो गया है।’’

उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि अपनी विशिष्ट पहचान की रक्षा के लिये जो कुछ भी बाकी बचा है, उसे भारत, जम्मू-कश्मीर की जनता से ‘‘बलपूर्वक छीनने’’ की तैयारी में है। पीडीपी अध्यक्ष ने ट्वीट किया, ‘‘आप एकमात्र मुस्लिम बहुल राज्य के प्यार को जीतने में नाकाम रहे, जिसने धार्मिक आधार पर विभेद को खारिज किया और धर्मनिरपेक्ष भारत को चुना। अब मामला आर-पार का हो चुका है और भारत ने जनता के बदले जमीन को तरजीह दी है।’’ 

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उन्होंने एक और ट्वीट कर कहा, ‘‘(पीडीपी के संस्थापक और दो बार मुख्यमंत्री रहे) मुफ्ती (मोहम्मद सईद) साहब हमेशा कहा करते थे कि कश्मीरियों को जो कुछ भी मिलेगा वह उनके अपने देश भारत से मिलेगा। लेकिन आज ऐसा लगता है कि अपनी विशिष्ट पहचान की रक्षा के लिये उनके पास जो कुछ भी बचा था, यही देश उनसे वह बलपूर्वक छीनने की तैयारी कर रहा है।’’ 

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शुक्रवार शाम को अपने आवास पर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री ‘‘इंसानियत, जम्हूरियत, कश्मीरियत’’ के बारे में बात करके कश्मीर के लोगों का दिलो-दिमाग जीतना चाहते हैं तो ऐसा माहौल क्यों बनाया जा रहा है जहां लोगों को लग रहा है कि उनकी पहचान खतरे में है। महबूबा ने कहा, ‘‘मुझे भरोसा है कि देश के लोग जम्मू-कश्मीर के लोगों को चाहते हैं ना कि केवल भूमि। लेकिन स्थिति ऐसी है कि ऐसा लग रहा है कि आप जम्मू-कश्मीर को क्षेत्र का मुद्दा समझते हैं। पूरा क्षेत्र पहले से ही आपके साथ है।’’

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर ही एकमात्र मुस्लिम बहुत राज्य है जिसने मुश्किल समय में इस शर्त पर दो राष्ट्र की थ्योरी नकार दी और एक धर्मनिरपेक्ष तथा लोकतांत्रिक भारत में शामिल हो गया कि उसकी विशिष्ट पहचान की रक्षा की जाएगी। महबूबा ने कहा कि वह इस मुद्दे पर सहमति बनाने के लिए घाटी में अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं से मुलाकात करेगी और एकजुट होकर लड़ाई लड़ेंगी। संवाददाता सम्मेलन के बाद उन्होंने नेकां अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, पीपुल्स कांफ्रेंस नेता सज्जाद लोन और इमरान अंसारी, जम्मू कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट के नेता शाह फैसल से मुलाकात की।

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