अमरनाथ यात्रा के सख्त इंतजाम पर उमर-मुफ्ती के सवाल कितने जायज?

  •  अभिनय आकाश
  •  जुलाई 9, 2019   11:41
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अमरनाथ यात्रा के सख्त इंतजाम पर उमर-मुफ्ती के सवाल कितने जायज?
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अब्दुल्ला ने लिखा कि जमें भी यात्रियों के सुरक्षा की चिंता है लेकिन 30 साल में ऐसा पहली बार हुआ है की अमरनाथ यात्रा के दौरान नेशनल हाइवे को यातायात के लिए बंद किया गया है। राज्यपाल का हाइवे बंद करने का फैसला प्रशासन की नाकामी दिखाता है।

नई दिल्ली। आज से ठीक आठ दिन पहले अमित शाह ने अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर संसद में एक बयान दिया था कि ये फैसला लिया गया है वो कश्मीर में रह रहे लोगों और देश भर के यात्रियों के लिए लिया गया है और इससे एक इंच भी पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है। जब संसद में गृह मंत्री ने यह कहा था तभी यह साफ हो गया था कि नागरिकों की सुरक्षा के मामले में सरकार कोई चूक करने की गलती नहीं करने वाली है। यूं तो बाबा बर्फानी की यात्रा के लिए हर साल सुरक्षा के इंतजाम किए जाते हैं। लेकिन इस बार इंतजाम और सख्त हैं। केवल नौ दिन हुए हैं अमरनाथ यात्रा शुरू हुए। अभी 36 दिन और है और इसे इत्तेफाक कहें या बाबा बर्फानी की कृपा कि अभी तक इस यात्रा में मौसम ने भरपूर सहयोग दिया है। लेकिन सियासत का मौसम बिगड़ने लगा है। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि इस साल जो इंतजाम किए गए हैं वो सारे कश्मीर के लोगों के खिलाफ हैं। उनकी गाड़ी नहीं चल सकती, उनको रूकना पड़ता है। वो बीमार हैं फिर भी उनको यात्रा को पास कराने के लिए रोका जाता है। ये ज्यादती है हमारे लोगों के साथ। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी ट्वीट कर राज्यपाल पर सवाल उठाए।

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अब्दुल्ला ने लिखा कि जमें भी यात्रियों के सुरक्षा की चिंता है लेकिन 30 साल में ऐसा पहली बार हुआ है की अमरनाथ यात्रा के दौरान नेशनल हाइवे को यातायात के लिए बंद किया गया है। राज्यपाल का हाइवे बंद करने का फैसला प्रशासन की नाकामी दिखाता है। जम्मू कश्मीर की राजमीति के दो सबसे बड़े नेता कह रहे हैं कि अमरनाथ यात्रा के इंतजाम में खोट है। पुख्ता इंतजाम को लेकर मचे कोहराम के बीच अलगाववादी संगठनों ने पहले ही कह दिया था कि वो इस यात्रा में किसी तरह की खलल नहीं डालेंगे। गौरतलब है कि अमित शाह ने गृह मंत्रालय की कमान संभालते ही पहली बैठक अमरनाथ यात्रा पर की थी। उन्होंने यह ताकिद भी की थी कि अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा में कोई चूक नहीं होनी चाहिए।

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ऐसे में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा से स्थानीय लोगों को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाते कश्मीर के सियासतदार हिजबुल आतंकी बुरहान वानी की तीसरी बरसी पर अलगाववादियों के बुलाए बंद पर मौन रहते हैं। जिस बंद की वजह से आम जन-जीवन ठप्प रहा। आतंकवादियों के समर्थन में बुलाए गए बंद के विरोध में महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला जैसे नेताओं की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। बता दें कि आतंकी बुरहान वानी की बरसी को लेकर अलगाववादियों ने कश्मीर में बंद बुलाया था। इसके मद्देनजर पूरे घाटी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम और एहतियात के तौर पर अमरनाथ यात्रा को रोक दिया गया था, यानी जो श्रद्धालु जहां हैं, उन्हें वहीं रोक दिया गया था। जिसके बाद आज फिर से यात्रा चालू हो गई। 





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भारत को भरोसेमंद और उभरते भागीदार के रूप में देखती है दुनिया: PM मोदी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 4, 2020   23:21
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भारत को भरोसेमंद और उभरते भागीदार के रूप में देखती है दुनिया:  PM मोदी
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प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के इस चुनौतीपूर्ण समय में भारत में रिकॉर्ड निवेश हुआ और इस निवेश का ज्यादातर हिस्सा प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आया है।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 के चुनौतीपूर्ण समय में भी भारत में रिकॉर्ड निवेश हुआ। उन्होंने जोर दिया कि दुनिया भारत को एक भरोसेमंद और उभरते हुए भागीदार के रूप में देखती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘आईआईटी 2020 ग्लोबल समिट’ को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार ‘‘सुधार करने, कार्य करने और बदलाव करने’’ के सिद्धांत को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, कोई भी क्षेत्र सुधारों से वंचित नहीं रहा है। कृषि, परमाणु ऊर्जा, रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचा, वित्त, बैंकिंग, कराधान और यह सूची जारी है। 44 केंद्रीय कानूनों को सिर्फ चार संहिताओं में समाहित करते हुए हम श्रम क्षेत्र में व्यापक सुधार लाए हैं।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के इस चुनौतीपूर्ण समय में भारत में रिकॉर्ड निवेश हुआ और इस निवेश का ज्यादातर हिस्सा प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आया है। उन्होंने कहा, ‘‘स्पष्ट तौर पर दुनिया हमें भरोसेमंद और उभरते हुए भागीदार के तौर पर देख रही है।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत बदलावों का गवाह बन रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘जिन चीजों के बारे में हमने कभी सोचा भी नहीं था, वे काम अब तेजी से पूरे हो रहे हैं।





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धान बेचकर राजस्थान से लौट रहे श्योपुर जिले के पांच किसानों की सड़क हादसे में मौत

  •  दिनेश शुक्ल
  •  दिसंबर 4, 2020   23:02
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धान बेचकर राजस्थान से लौट रहे श्योपुर जिले के पांच किसानों की सड़क हादसे में मौत
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सड़क हादसों में लोगों की जान जाने का सिलसिला विगत दिनों से श्योपुर जिले में बरकरार बना हुआ है। अभी गत दिवस आवदाडेम के पास हुए सड़क हादसे में जहां पति-पत्नी की मौत के साथ ही 11 लोग घायल हो गए।

श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के निवासियों की  गुरूवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात कोटा से धान बेचकर लौट रहे पांच किसानों की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक कोटा जिले के दीगोद थाना क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले उम्मेदपुरा के पास बोलेरो एक वाहन को बचाने के दौरान अनियंत्रित होकर नहर के ड्रेन में जा गिरी, रफ्तार अधिक होने के कारण बोलेरो में सवार पांच किसानों की मौत हो गई, वहीं तीन लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। सड़क हादसों में लोगों की जान जाने का सिलसिला विगत दिनों से श्योपुर जिले में बरकरार बना हुआ है। अभी गत दिवस आवदाडेम के पास हुए सड़क हादसे में जहां पति-पत्नी की मौत के साथ ही 11 लोग घायल हो गए।

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वही बुलेरो पलटने की खबर दीगोद थाना पुलिस की लगी तो वे मौके पर पहुंचे, जांच के बाद पाया गया कि मृतकों में से चार लोग जैनी एवं एक व्यक्ति ज्वालापुर गांव का निवासी है। वहीं इस सड़क हादसे में बीरबल पुत्र मोतीलाल उम्र कल्याण पुत्र मोतीलाल, चतर सिंह पुत्र गोपीलाल जाति मीणा निवासीगण जैनी घायल हो गए हैं। तो श्योपुर तहसील के ग्राम जैनी निवासी रामवीर (32) पुत्र बाबूलाल मीणा, हनुमान (35) पुत्र बाबूलाल मीणा, मांगीलाल उर्फ मामा (52) पुत्र रामनाथ मीणा, अजय (17) पुत्र रामभरत मीणा सभी निवासी ग्राम जैनी एवं जगदीश पुत्र राम किशन सुमन निवासी ज्वालापुर कोटा मण्डी में धान बेचकर वापस घर लौट रहे थे। राजस्थान के ग्राम उम्मेदपुरा थाना दीगोद के क्षेत्र में श्योपुर तहसील के ग्राम जैनी के 05 व्यक्तियों की सड़क दुर्घटना में हुई मृत्यु के परिवारों को रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। 

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जिला कलेक्टर राकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि श्योपुर तहसील के ग्राम जैनी के रामवीर मीणा आयु 32, हनुमान आयु 35, मांगीलाल आयु 52, अजय आयु 17 और जगदीश सुमन निवासी ज्वालापुरा की मृत्यु कोटा से लौटते वक्त थाना दीगोद के क्षेत्र में ग्राम उम्मेदपुरा के पास बुलेरो गाडी पलट से हो गई थी। जिसमें मौके पर ही 04 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई। जिनका सुल्तानपुर में पीएम कराया गया है। एक व्यक्ति की इलाज के कोटा एमबीएसएच में मृत्यु हो गई। इस प्रकार से सडक दुर्घटना में 05 व्यक्तियों की मृत्यु होने पर मृतकों के परिजनों को रेडक्रॉस के माध्यम से 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई।





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एक करोड़ के गांजे के साथ पांच अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार

  •  दिनेश शुक्ल
  •  दिसंबर 4, 2020   22:45
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एक करोड़ के गांजे के साथ पांच अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार
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पुलिस ने इनसे 100 किलो 185 ग्राम गांजा जब्त किया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत एक करोड़ रुपए हैं। पुलिस ने स्विफ्ट कार, 5 मोबाइल और 30 हजार रुपये भी जब्त किए।

इंदौर। नशे के सौदागरों पर एक बार फिर एसटीएफ की टीम ने शिकंजा कसते हुए पांच अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्त में लेकर इनके पास से करीब एक करोड़ रुपये कीमत का एक क्विंटल से अधिक अवैध गांजा बरामद किया है। आरोपित सेंधवा से किसी को गांजा देने के लिए निकले थे और रास्ते में पकड़ा गए। एसटीएफ एसपी मनीष खत्री ने शुक्रवार को बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक स्विफ्ट कार एमएच 04 डीआर 1910 सेंधवा से इंदौर के लिए निकली हैं, जिसमें बड़ी मात्रा में अवैध रुप से गांजा रखा है। ये किसी बदमाश को इंदौर में गांजा सप्लाय करने वाले हैं। इस सूचना के बाद एक टीम को उक्त कार की घेराबंदी के लिए लगाया गया। टीम ने घेराबंदी कर कार पकड़ी, तलाशी में कार से एक क्विंटल से अधिक गांजा जब्त हुआ। पुलिस ने पांच बदमाशों को पकड़ा।

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ये तस्कर आए गिरफ्त में पूछताछ में बदमाशों ने अपना नाम शिवाजी पावरा पुत्र बिश्या पावरा निवासी ग्राम लाकड़िया हनुमान थाना सांगवी धुले महाराष्ट्र, अश्विन पावरा पुत्र लक्ष्मण पावरा निवासी ग्राम दुरबड़िया सांगवी धुले महाराष्ट्र, अविनाश पुत्र सुरेश पावरा निवासी ग्राम सुले सांगवी धुले महाराष्ट्र, सुमित जमरा पुत्र भुरसिंह जमरा निवासी चर्च कॉलोनी, एबी रोड़ सेन्धवा बड़वानी और अक्षय पुत्र हिम्मत आर्य निवासी ग्राम दुगानी वरला वरला बड़वानी बताया। पुलिस ने इनसे 100 किलो 185 ग्राम गांजा जब्त किया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत एक करोड़ रुपए हैं। पुलिस ने स्विफ्ट कार, 5 मोबाइल और 30 हजार रुपये भी जब्त किए।

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पुलिस अधीक्षक खत्री ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो लड़के एक माह से हर सप्ताह गांजा लेकर इंदौर आ रहे हैं। इस सूचना के बाद निरीक्षक एम.ए. सैयद, निरीक्षक संजय बघेल, प्रधान आरक्षक झनक लाल, आर. प्रशांत परिहार, आर विवेक द्विवेदी को जांच पड़ताल के लिए लगाया गया। इस पर टीम को सूचना मिली कि एक कार में कुछ लोग गांजा सप्लाय करने के लिए आ रहे हैं। इसके बाद ही उक्त कार्रवाई की गई।

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उन्होंने बताया कि आरोपित शिवाजी पावरा महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, आदि राज्यों में बड़े पैमाने पर गांजे की सप्लाय उसके गाव के ही अविनाश पावरा, सुमित व अक्षय के माध्यम से करता है। शिवाजी स्वयं गांजा की खेती अपने गांव के पास दुरस्त दुर्गम स्थान में करता है। साथ ही वह अन्य लोगों से भी करवाता है। वह कई बार खरगोन एवं बडवानी जिले के लोगों से गांजा लेकर सप्लाय करवाता है। आरोपितों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से इन्हें 9 दिसम्बर तक पुलिस रिमांड पर सौंपा है।





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