Meloni की धांसू एंट्री, देखता रह गया यूरोप, ट्रंप-जेलेंस्की पर ये क्या कह दिया?

By अभिनय आकाश | Jan 13, 2026

यूक्रेन राष्ट्रपति वल्दीर जनस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुए विवाद की तस्वीरों ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया और इन तस्वीरों ने सबसे ज्यादा परेशान यूरोपीय नेताओं को किया और इसी का नतीजा रहा कि ब्रिटेन ने तत्काल एक्शन लेते हुए यूरोपीय नेताओं की एक इमरजेंसी बैठक बुलाई। इस बैठक का मकसद था कि कैसे भी करके अमेरिका को मनाया जाए और यूक्रेन में स्थाई शांति का रास्ता ढूंढा जाए। इस बैठक में शिरकत करने के लिए इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलिनी भी पहुंची जॉर्जिया मेलिनी के ब्रिटेन पहुंचने की तस्वीरें सामने आई। वैसे तो जॉर्जिया मेलिनी हर जगह पहुंचती हैं वह वाकई में बहुत खास हो जाता है और किस तरह से उनका स्वागत ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने किया इसकी तस्वीरें भी देश और दुनिया के सामने आई हैं।

इसे भी पढ़ें: लड़ाई-लड़ाई माफ करो! ट्रंप ने मानी हार, सबसे ताकतवर ग्रुप में भारत को किया शामिल

जॉर्जिया मेलिनी इस बैठक में शिरकत करने पहुंची तो पत्रकारों ने उनसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वोल्दोमीर जेलेंस्की के बीच हुए विवाद को लेकर कर दिया। उन्होंने यूक्रेन में स्थाई शांति कैसे हो और जो विवाद हुआ है। दरअसल यूरोपीय नेताओं की चिंता है कि यूक्रेन को किस तरह से स्थाई शांति दिलाई जाए और रूस को लेकर यूरोपीय नेताओं का रुख बिल्कुल अमेरिका से उलट है। ऐसे में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री की स्टार्मर ने एक रास्ता निकाला और यूक्रेन के समर्थन में ब्रिटेन में यूरोपीय नेताओं की इमरजेंसी बैठक हुई। इस बैठक का मकसद यह था कि एक रूपरेखा तैयार की जाए, जिसके जरिए यूक्रेन को स्थाई शांति मिल पाए और रूसी हमले के खतरे का समाधान भी ढूंढा जाए। इस बैठक के बाद अब यह प्रस्ताव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने पेश होगा और इसके बाद यह तय होगा कि आखिर आने वाले दिनों में यूक्रेन और रूस के बीच शांति का रास्ता कैसा हो सकता है। लेकिन जिस तरह से मेलोनी सीधे-सीधे यूक्रेन राष्ट्रपति का समर्थन ना करते हुए यह कहा कि सबका उद्देश्य यह होना चाहिए कि कैसे शांति की तलाश की जाए और किस तरह से आगे बढ़ते हुए दोनों देश विकास की तरफ देखें उसे सुनिश्चित करना चाहिए। 

इसे भी पढ़ें: India on Iran | दोस्त ईरान! ट्रंप की धमकी के बीच भारत ने कर दिया बड़ा ऐलान

मेलोनी का साफ कहना है कि ग्रीनलैंड में मिलिट्री एक्शन किसी के भी हित में नहीं होगा और इसका असर सीधे नाटो पर पड़ेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इटली किसी भी सैन्य कारवाही का समर्थन नहीं करेगा। उनका मानना है कि सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को सहयोग और कूटनीति के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। ग्रीनलैंड भले ही बर्फ से ढका हुआ एक विशाल द्वीप हो और यहां की आबादी सिर्फ 57,000 के आसपास हो, लेकिन इसकी रणनीतिक और आर्थिक अहमियत बहुत बड़ी है। भौगोलिक रूप से यह उत्तरी अमेरिका के बेहद करीब है, लेकिन राजनीतिक रूप से यह डेनमार्क का हिस्सा है और इसकी संप्रभुता को अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त है। ग्रीनलैंड सिर्फ बर्फ का इलाका नहीं है। 

All the updates here:

प्रमुख खबरें

West Bengal के राजभवन में खलबली! राज्यपाल C.V. Ananda Bose का इस्तीफा, कांग्रेस ने उठाए सवाल

West Asia Crisis | पश्चिम एशिया के संघर्ष में फंसे 370 पंजाबी, CM Bhagwant Mann और सोरेन ने केंद्र से लगाई गुहार

Assam Sukhoi-30 MKI Aircraft Crashes | असम में भारतीय वायुसेना का सुखोई-30 MKI दुर्घटनाग्रस्त, पायलटों की तलाश जारी

Nepal Election 2026 Results | नेपाल में ‘Gen Z’ क्रांति का असर आम चुनाव के रुझानों में रवि लामिछाने की पार्टी RSP को बड़ी बढ़त