By रेनू तिवारी | May 05, 2026
पंजाब की राजनीति में एक अभूतपूर्व संकट खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों के अचानक भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान मंगलवार सुबह दिल्ली के लिए रवाना हुए। मान दोपहर 12 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर राज्य के मौजूदा संवैधानिक और राजनीतिक हालात पर चर्चा करेंगे। मान के साथ पार्टी के विधायक भी दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं।
आम आदमी पार्टी (आप) को 24 अप्रैल को उस समय बड़ा झटका लगा जब उसके राज्यसभा के 10 सदस्यों में से सात- राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल ने यह आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी कि ‘आप’ अपने मूल्यों और मूल सिद्धांतों से भटक गई है। इसके बाद इन सभी ने भाजपा में विलय कर लिया था।
‘आप’ छोड़ने वाले सात सांसदों में से छह पंजाब से थे। मान का दोपहर 12 बजे राष्ट्रपति भवन में मुर्मू से मुलाकात का कार्यक्रम है। दिल्ली रवाना होते समय, मान ने इस बात पर बल दिया कि ‘आप’ के सभी विधायक एकजुट हैं। यहां पत्रकारों से बातचीत में मान ने कहा, ‘‘बैठक के लिए केवल मुझे ही समय दिया गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रपति संविधान की संरक्षक हैं। वह देश की संवैधानिक प्रमुख हैं।’’ इससे पहले विधायक और मंत्री सुबह मुख्यमंत्री के आवास पर जुटे और दिल्ली के लिए रवाना हुए। उनके हाथों में तख्तियां थीं जिन पर लिखा था ‘पंजाब मान दे नाल’ और ‘पंजाब के गद्दार’।