बैकफुट पर मोदी सरकार! लेटरल एंट्री के विज्ञापन पर लगाई रोक, विपक्ष ने उठाए थे सवाल

By अंकित सिंह | Aug 20, 2024

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के अध्यक्ष को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार लैटरल एंट्री विज्ञापन रद्द करने के लिए पत्र लिखा। आपको बता दें कि यूपीएससी ने पिछले शनिवार को 45 पदों के लिए विज्ञापन दिया था, जिनमें से 10 संयुक्त सचिव और 35 निदेशक/उप सचिव के पद हैं, जिन्हें अनुबंध के आधार पर पार्श्व प्रवेश मोड के माध्यम से भरा जाना है। इस योजना का उद्देश्य सरकारी विभागों में विशेषज्ञों (निजी क्षेत्र से जुड़े लोगों सहित) की नियुक्ति करना है।

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लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और हाजीपुर से सांसद चिराग पासवान ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) में लेटरल एंट्री को "पूरी तरह से गलत" बताया और कहा कि वह इस मुद्दे को सरकार के समक्ष उठाने की योजना बना रहे हैं। ऐसी भर्तियों में आरक्षण के प्रावधान की मांग करते हुए पासवान ने कहा कि वह इस मामले को सरकार के समक्ष उठाएंगे। पासवान ने कहा कि जहां भी सरकारी नौकरियों में नियुक्तियां हों, वहां आरक्षण के प्रावधानों का पालन किया जाना चाहिए। इसमें कोई शक-शुबहा नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से ये जानकारी सामने आई है, वो मेरे लिए भी चिंता का विषय है क्योंकि मैं इस सरकार का हिस्सा हूं और इन मुद्दों को उठाने के लिए मेरे पास मंच है। 

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