By रेनू तिवारी | Jul 10, 2026
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी तीन दिवसीय ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान सिडनी और मेलबर्न में कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय व रणनीतिक बैठकें कीं। अपनी यात्रा के अंतिम चरण में शुक्रवार को पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के विपक्ष के नेता एंगस टेलर से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों और भविष्य की योजनाओं पर सार्थक चर्चा की। यह बैठक दर्शाती है कि भारत के साथ मजबूत रिश्तों को लेकर ऑस्ट्रेलिया में दलगत सीमाओं से परे (क्रॉस-पार्टी) व्यापक समर्थन हासिल है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘उन्होंने भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के बढ़ते आयामों पर सार्थक चर्चा की। गर्मजोशी एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई यह बैठक भारत के साथ संबंधों को और गहरा करने के लिए ऑस्ट्रेलिया में दलगत सीमाओं से परे व्यापक समर्थन को दर्शाती है।’’
मोदी ने भी इस मुलाकात का विवरण साझा करते हुए सोशल मीडिया पर एक ‘पोस्ट’ साझा की। उन्होंने लिखा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया के विपक्ष के नेता एंगस टेलर से मुलाकात की। हमने मजबूत होते भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों और आगे मौजूद अनेक अवसरों पर सार्थक बातचीत की। हमारी साझेदारी को पूरे ऑस्ट्रेलिया में जो व्यापक समर्थन मिल रहा है, मैं उसे बहुत महत्व देता हूं।’’ प्रधानमंत्री इंडोनेशिया की अपनी यात्रा पूरी करने के बाद आठ जुलाई को ऑस्ट्रेलिया पहुंचे थे। यहां से उनका न्यूजीलैंड जाने का कार्यक्रम है जो उनकी तीन देशों की छह दिवसीय यात्रा का अंतिम चरण होगा।
ऑस्ट्रेलिया की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान दोनों देशों ने असैन्य परमाणु ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्रों से जुड़े कई ऐतिहासिक समझौतों पर मुहर लगाई। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज के साथ शिखर वार्ता की। दोनों नेताओं ने शांतिपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करने में द्विपक्षीय साझेदारी की महत्वपूर्ण भूमिका को दोहराया। दोनों नेताओं के बीच शिखर वार्ता का एक प्रमुख पहलू यह रहा कि उन्होंने रक्षा संबंधों, विशेषकर समुद्री क्षेत्र में सहयोग को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने पर जोर दिया। दो साल से अधिक समय तक चली बातचीत के बाद असैन्य परमाणु ऊर्जा संबंधी एक समझौते पर मुहर लगाई गई। इसका मकसद भारत की परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम की वाणिज्यिक आपूर्ति सुगम बनाना है।
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने प्रस्तावित व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते तथा द्विपक्षीय निवेश संरक्षण ढांचे को जल्द अंतिम रूप देने के लिए तेजी से काम करने का निर्णय लिया ताकि व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत किया जा सके। दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच शिखर वार्ता के बाद जिन 18 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, उनमें सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा, समुद्री सुरक्षा सहयोग रूपरेखा, ऊर्जा सुरक्षा पर संयुक्त बयान तथा साइबर, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और आपूर्ति श्रृंखलाओं से जुड़ी साझेदारी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रस्तावित भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते को जल्द अंतिम रूप देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश संबंधों को और गति मिलेगी। प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय के एक कार्यक्रम ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ को भी संबोधित किया। इस कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज भी शामिल हुए।
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