Modi Trump Meeting: दुनिया ने नोटिस किया मोदी का बदला हुआ अंदाज, ट्रंप भी समझ गये इशारों में कही गई बात

By नीरज कुमार दुबे | Jun 17, 2026

फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 16 महीने बाद हुई मुलाकात ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया। इस मुलाकात के जरिए भारत ने अमेरिका को एक मजबूत कूटनीतिक संदेश भी दिया। सबसे ज्यादा चर्चा उस पल की हुई जब पहले दिन मोदी ने ट्रंप से सिर्फ हाथ मिलाया, उन्हें गले नहीं लगाया। दरअसल, मोदी अक्सर वैश्विक मंचों पर विश्व नेताओं को गले लगाते हैं और ट्रंप तथा मोदी की दोस्ती तो बड़ी गहरी रही है लेकिन उसके बावजूद मोदी की ओर से ट्रंप को गले नहीं लगाना और बस उनसे हाथ मिलाना दुनिया को यह संदेश दे गया कि भारत और अमेरिका के रिश्तों में गर्मजोशी कम हुई है। हालांकि जी-7 नेताओं के सामूहिक फोटो खिंचवाने के दौरान मोदी जब ट्रंप को सहारा देते दिखे तो उस दृश्य ने यह भी संकेत दिया कि भारत मित्रता निभाने को राजी है लेकिन सामने वाले को भी सम्मान से पेश आना होगा। देखा जाये तो पिछले कुछ महीनों में ट्रंप के भारत को लेकर बदले रुख, शुल्क नीति, भारत पाकिस्तान मुद्दे पर बयानबाजी और आव्रजन नियमों को लेकर भारतीयों में नाराजगी रही है। ऐसे माहौल में मोदी का यह संयमित लेकिन सख्त अंदाज साफ बता गया कि भारत रिश्तों में सम्मान और बराबरी को सबसे ऊपर रखता है।

हालांकि इसके बावजूद दोनों देशों ने रिश्तों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता भी समझी। मोदी और ट्रंप के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने, रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों पर साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई। यह साफ संकेत है कि मतभेदों के बावजूद दोनों देश रणनीतिक साझेदारी को कमजोर नहीं होने देना चाहते। खास बात यह रही कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात थी। ट्रंप ने जिस तरह हाल के दिनों में पाकिस्तानी नेताओं के साथ करीबी संबंध बढ़ाये हैं उसको देखते हुए मोदी और ट्रंप की इस मुलाकात पर पाकिस्तानी हुक्मरानों की भी नजर बनी रही। उन्हें लग रहा था कि ट्रंप भारत से दूर जाएंगे लेकिन ट्रंप ने भारत के साथ संबंधों को और गहरा बनाने की बात कर पाकिस्तानियों के अरमानों पर पानी फेर दिया।

हम आपको यह भी बता दें कि मोदी ने ट्रंप को पहले दिन कूटनीतिक संदेश देने के लिए कई मार्ग अपनाए। पहले उन्हें गले नहीं लगाया। उसके बाद अपने संबोधन में एक तरह से ट्रंप को सुनाते हुए कहा कि दुनिया आज भरोसे की कमी से जूझ रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन के दौरान अपने संबोधन में दुनिया को भारत का विकास दर्शन भी समझाया। उन्होंने कहा कि विकास का सवाल केवल सकल घरेलू उत्पाद या व्यापारिक आंकड़ों का नहीं होना चाहिए, बल्कि यह देखना होगा कि विकास किसके लिए, किसके साथ और किस दिशा में हो रहा है। मोदी ने भारत के विकास को समावेशी, लोकतांत्रिक और जनभागीदारी पर आधारित बताया। उन्होंने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की नीति को भारत की शक्ति बताया।

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उधर सम्मेलन में ट्रंप का अंदाज भी चर्चा में रहा। बैठक में देर से पहुंचने पर उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, “मैं ही बॉस हूं।” इस टिप्पणी पर वहां मौजूद नेताओं ने हंसी जताई, लेकिन दुनिया यह भी देख रही थी कि अब वही ट्रंप भारत के साथ रिश्तों को सहज बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। बहरहाल, फ्रांस की धरती पर हुई मोदी ट्रंप मुलाकात ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नया भारत किसी भी महाशक्ति से आंखों में आंख डालकर बातचीत करता है और सामने वाला खुद को कितना भी बड़ा नेता या बॉस समझता हो, भारत अपनी शर्तों और भारतीयों के हितों को ही प्राथमिकता देता है।

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