By रेनू तिवारी | Sep 26, 2026
भारतीय रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शुक्रवार की रात नागपुर से मुंबई जा रही सुपरफास्ट नागपुर-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस पर अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा पत्थरबाजी की खतरनाक घटना सामने आई है। इस हमले में ट्रेन की खिड़की का शीशा टूट गया, जिससे कोच के अंदर बैठा एक यात्री मामूली रूप से घायल हो गया। घटना के बाद ट्रेन को वर्धा स्टेशन पर रोका गया और करीब आधे घंटे तक उसकी जांच की गई। जांच के बाद ट्रेन मुंबई के लिए रवाना हो गई। इस बीच, पुलिस जांच कर रही है कि असल में पत्थर किसने फेंके थे।
चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी के खिलाफ रेलवे ने जनता से अपील की
इस साल की शुरुआत में, दक्षिणी रेलवे ने चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी के खिलाफ जनता से एक ज़रूरी अपील जारी की थी। हाल की घटनाओं में यात्रियों की सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ है और रेल सेवाएं बाधित हुई हैं।
भारतीय रेलवे के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ऐसी गैर-कानूनी हरकतें सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं, क्योंकि चलती ट्रेनों पर फेंके गए पत्थर खिड़की के शीशे तोड़ सकते हैं और बच्चों व बुजुर्गों सहित यात्रियों को गंभीर चोट या स्थायी नुकसान पहुंचा सकते हैं। दक्षिणी रेलवे के चेन्नई डिवीजन ने एक बयान में कहा कि रेलवे अधिनियम, 1989 के तहत पत्थरबाजी एक दंडनीय अपराध है।
अधिनियम की धारा 152 के तहत, नुकसान पहुंचाने के इरादे से ट्रेन पर पत्थर या कोई वस्तु फेंकने पर दस साल तक की जेल या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। इसके अलावा, धारा 154 में यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली हरकतों के लिए जेल और जुर्माने का प्रावधान है। पत्थरबाज़ी रोकने के लिए संवेदनशील जगहों पर पेट्रोलिंग बढ़ाई गई
इन घटनाओं को कम करने के लिए, रेलवे सुरक्षा बल और सरकारी रेलवे पुलिस ने चेन्नई डिवीज़न में संवेदनशील जगहों पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी है। बयान में कहा गया है कि दोषियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए CCTV और निगरानी के दूसरे तरीकों से निगरानी को और मज़बूत किया गया है।
भारतीय रेलवे ने रेलवे ट्रैक के पास रहने वाले माता-पिता, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे बच्चों और युवाओं को ऐसी हरकतों के गंभीर नतीजों के बारे में समझाएं और जागरूक करें। इन घटनाओं को रोकने और लोगों की जान बचाने के लिए जनता का सहयोग ज़रूरी बताया गया है। लोगों से यह भी कहा गया है कि वे सतर्क रहें और रेलवे ट्रैक के पास किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर दें।
Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi