तबलीगी जमात में शामिल लोगों की तलाश के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान, संक्रमण के मामले 1900 के पार हुए

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 02, 2020

नयी दिल्ली। कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए समूचे देश में अभियान तेज करते हुए विभिन्न राज्यों में प्रशासन ने कोविड-19 के सबसे बड़े हॉटस्पॉट बनकर उभरे दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज में तबलीगी जमात के आयोजन में शिरकत करने वाले 6,000 से ज्यादा लोगों की पहचान की। देश भर में बुधवार को सर्वाधिक 450 नए मामलों के साथ संक्रमित लोगों की संख्या 1900 के पार हो गयी है और अब तक 59 लोगों की मौत हो चुकी है। जमात में हिस्सा लेने वाले 5,000 से ज्यादा लोगों को पृथक तौर पर रखा गया है। इनमें से कुछ लोगों को राज्यों के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती किया गया है।

इसके साथ ही गुजरात, तमिलनाडु और तेलंगाना सहित अन्य जगहों पर 2,000 अन्य लोगों का पता लगाया जा रहा है। इस सूची में विदेशी भी शामिल हैं जबकि राज्य के अधिकारियों ने ऐसे कुछ लोगों की पहचान की है जो दिल्ली से अपने अपने गृह नगर नहीं लौटे हैं। प्रशासन का कहना है कि मामलों में इतनी बढ़ोतरी तबलीगी जमात के कारण हुई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि पिछले 24 घंटे में 437 नए मामलों की पुष्टि करने के साथ कोरोना वायरस के 1834 मामले हो गए हैं और 41 लोगों की मौत हुई है। हालांकि विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा घोषित आंकड़ों का योग करें तो कुल 1949 मामले हो चुके हैं और कम-से-कम 59 मौत हुई है।

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महाराष्ट्र, तमिलनाडु और दिल्ली उन जगहों में शामिल हैं जहां बड़ी संख्या में नये मामलों का पता चला है। दिल्ली में अधिकारियों ने बताया कि कोरोना वायरस के मामले बढ़कर 152 हो गए हैं जिनमें 53 वो लोग हैं जो निजामुद्दीन के आयोजन में शामिल हुए थे। महाराष्ट्र में बुधवार को यह संख्या 33 से बढ़कर 335 हो गई जिनमें अकेले मुंबई के 30 मामले शामिल हैं। संख्या में इजाफा होने की आशंका है क्योंकि पृथक रह रहे करीब 5,000 लोग उच्च जोखिम की श्रेणी में आते हैं। राज्य सरकार ने यह जानकारी दी है। दिल्ली में तबलीगी जमात में शिरकत के बाद तमिलनाडु लौटे 110 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं जिससे राज्य में संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 234 हो गई है। तमिलनाडु में ऐसे 515 लोगों की पहचान हुई है जो निजामुद्दीन के आयोजन में शामिल हुए थे जबकि इनमें से 59 को पृथक रखा गया है। मुख्यमंत्री के पलानीसामी ने बताया कि राज्य से करीब 1,500 लोग कार्यक्रम में शामिल हुए थे जिनमें से 1,131 लोग राज्य लौट आए हैं। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि निजामुद्दीन (पश्चिम) केमरकज़ को पूरी तरह खाली करा लिया गया है।

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करीब 36 घंटे में वहां से 2,361 लोगों को निकाला गया है, जिनमें से 617 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नेकहा कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के प्रयासों को और तेज करते हुए, पृथक रखे गए लोगों की आवाजाही को रोकने के लिए उनके मोबाइल फोन की निगरानी की जा रही है। केंद्र सरकार ने बुधवार को राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से, दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के आयोजन में हिस्सा लेने वाले सभी लोगों के सम्पर्कों का पता लगाने के लिये युद्ध स्तर पर काम करने को कहा। सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों एवं डीजीपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये संवाद में कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने तबलीगी जमात के कार्यक्रम में भाग लेने वाले विदेशियों पर वीजा शर्तों का उल्लंघन करने के लिये कार्रवाई करने को भी कहा।

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