By नीरज कुमार दुबे | Jul 20, 2024
प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क के खास कार्यक्रम शौर्य पथ में इस सप्ताह हमने ब्रिगेडियर श्री डीएस त्रिपाठी जी (सेवानिवृत्त) से जानना चाहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध अब किस पड़ाव पर है? हमने यह भी जानना चाहा कि नाटो ने काला सागर क्षेत्र में अपने युद्धपोत तैनात करने की बात कही है जिससे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भड़क गये हैं। इसे कैसे देखते हैं आप? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि युद्ध में ताजा अपडेट की बात करें तो वह यह है कि यूक्रेन की सेना पूर्वी दोनोत्सक क्षेत्र के उरोझाइन गांव से पीछे हट गई है और उसने एक अन्य अग्रिम मोर्चे पर भी आत्मसमर्पण कर दिया है। वहीं दूसरी ओर रूस की सेना लगातार हमले कर यूक्रेन की सुरक्षा दीवार को ध्वस्त कर रही है। स्थानीय स्तर पर लड़ रही थल सेना के प्रवक्ता नजर वोलोशिन ने मीडिया को एक लिखित संदेश में बताया कि गांव मलबे में तब्दील हो गया है, जिससे वहां मोर्चे पर डटे रहना असंभव हो गया है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि सेना कब पीछे हटी। उन्होंने कहा कि रूस ने फरवरी 2022 में युद्ध के शुरुआती दिनों में उरोझाइन पर कब्जा कर लिया था। यूक्रेनी के सैनिकों ने लगभग एक साल पहले इसपर फिर से कब्जा कर लिया था। रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया था कि उसकी सेना ने कई दिन पहले इस गांव को फिर से अपने कब्जे में ले लिया था। उन्होंने कहा कि इस बीच, यूरोप की सुरक्षा और यूक्रेन को अधिक सहायता देने पर चर्चा करने के लिए महाद्वीप के नेताओं ने बृहस्पतिवार को इंग्लैंड में बैठक की थी।
ब्रिगेडियर श्री डीएस त्रिपाठी जी (सेवानिवृत्त) ने कहा कि जहां तक नाटो की ओर से काला सागर क्षेत्र में युद्धपोत तैनात करने की खबर है तो इस फैसले ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भड़का दिया है। उन्होंने कहा कि देखना होगा कि नाटो देश क्या पुतिन के गुस्से को सहन कर पाएंगे? उन्होंने कहा कि क्रेमलिन ने इस मुद्दे पर कहा है कि यूक्रेन संघर्ष में नाटो गठबंधन की भागीदारी को देखते हुए रूस काला सागर में नाटो युद्धपोतों की स्थायी उपस्थिति स्थापित करने की किसी भी योजना को खतरे के रूप में मानेगा। उन्होंने कहा कि दरअसल यूक्रेन चाहता है कि काला सागर में नाटो इसलिए तैनात रहे ताकि रूस को आगे बढ़ने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि लेकिन रूस की प्रतिक्रिया बताती है कि वह इसका सख्त जवाब देगा।