By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 13, 2026
नेपाल में सोमवार को सैन्यकर्मी अचानक आयी बाढ़ से प्रभावित गांवों तक पहुंचे और उन्होंने राहत सामग्री पहुंचायी तथा स्थानीय निवासियों एवं पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। पर्यटकों के बीच लोकप्रिय इस इलाके में कम से कम पांच लोग लापता हैं। हेलीकॉप्टर और सैनिकों ने उत्तर-मध्य नेपाल में बूढ़ी गंडकी नदी के किनारे बसे समुदायों तक भोजन और अन्य राहत सामग्री पहुंचाई।
बाढ़ के पानी से पांच पुलों, तीन जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माण स्थलों और कई मकानों तथा खेतों को नुकसान पहुंचा या वे पूरी तरह तबाह हो गए। गोरखा जिले के मुख्य सरकारी प्रशासक धर्मेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि सोमवार को 200 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। मिश्रा ने कहा कि दोपहर में तेज हवाओं के कारण हेलीकॉप्टर की उड़ानें रोकनी पड़ीं, लेकिन राहत सामग्री पहुंचाने के लिए मंगलवार को उड़ानें फिर शुरू होंगी।
उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण जिन गांवों का बाकी हिस्सों से संपर्क कट गया है, वहां हेलीकॉप्टर के जरिए राहत सामग्री पहुंचायी जाती रहेगी। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने सोमवार को बताया था कि बचाए गए लोगों में नौ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जिन्हें आसपास के कस्बों में पहुंचाया गया। प्रभावित क्षेत्र में कई लोकप्रिय ‘ट्रेकिंग’ मार्ग हैं और अक्टूबर पर्यटकों के आने के लिहाज से सबसे व्यस्त महीनों में से एक है।
बचाए गए लोगों में चीन की पर्यटक वेईवेई झाओ भी शामिल थीं। वह एक दोस्त के साथ ट्रेकिंग कर रही थीं, लेकिन भारी बर्फबारी के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। झाओ ने कहा, ‘‘सुबह हमने भूकंप जैसी बहुत तेज आवाज सुनी, लेकिन बाद में हमें पता चला कि हमारे रास्ते में क्या हुआ था।’’ सड़क मार्ग से पहुंच वाले इलाकों में ट्रकों के जरिए भोजन, तंबू, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है, जबकि सेना के हेलीकॉप्टर दूरदराज के पहाड़ी गांवों तक राहत सामग्री ले जा रहे हैं।
बूढ़ी गंडकी नदी त्रिशूली नदी में मिलती है। यह नेपाल की राजधानी काठमांडू के पास स्थित एक प्रमुख जलमार्ग है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में उफनती नदी को खड़ी पहाड़ियों के बीच से बहते हुए देखा जा सकता है।
नदी के तेज बहाव में मकान और झोपड़ियां बहती नजर आईं। हालांकि, तत्काल यह स्पष्ट नहीं हो सका कि बाढ़ से कितने गांव प्रभावित हुए हैं। नेपाल अभी अगस्त में चीन से लगती सीमा के पहाड़ी क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ से उबर रहा है।
उस बाढ़ में 1,400 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और हजारों लोग लापता हो गए थे। प्रधानमंत्री बालेन शाह के कार्यालय ने पांच अक्टूबर को खोज एवं बचाव अभियान समाप्त करने की घोषणा की थी। इसके बाद राहत प्रयासों का ध्यान बुनियादी ढांचे की मरम्मत पर केंद्रित हो गया।