By अंकित सिंह | Aug 27, 2026
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि भारत नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे भारतीयों की स्थिति और उनकी सलामती का पता लगाने के लिए तेज़ी से कोशिशें कर रहा है। जयशंकर ने बताया कि उन्होंने विदेश सचिव, विदेश मंत्रालय के अधिकारियों और काठमांडू व बीजिंग में भारत के राजदूतों के साथ एक हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग की, जिसमें वे वर्चुअली शामिल हुए। उन्होंने कहा कि मंत्रालय बाढ़ से प्रभावित भारतीयों का पता लगाने के लिए अलग-अलग केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों, टूर ऑपरेटरों और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ तालमेल बिठा रहा है।
गुरुवार को लगभग 100 लोगों का पता चला। इससे कुछ घंटे पहले ही नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बताया था कि नेपाल और पड़ोसी तिब्बत में आई भयानक बाढ़ और उससे बहकर आए कीचड़, पत्थरों और पानी की चपेट में आने से करीब 300 भारतीय लापता हो गए थे। इस भयानक बाढ़ में 175 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, नेपाल सरकार या भारत की ओर से लापता भारतीयों की सही संख्या के बारे में कोई पुष्टि नहीं की गई है।
भारत ने गुरुवार को बाढ़ से प्रभावित नेपाल को राहत सामग्री की दूसरी खेप भेजी। इसमें एक मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के ज़रिए 37.5 टन मानवीय सहायता, दवाइयां और खाने के पैकेट भेजे गए। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि यह खेप बुधवार को नेपाल भेजी गई 10 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) सामग्री के बाद भेजी गई है।
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