By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 30, 2019
पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर जवाबी हमले हों या रक्षा उपकरणों की सफल खरीद, भारत की पहली पूर्णकालिक महिला रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने राजनीति में महिला सशक्तिकरण की नयी परिभाषा गढी है और वह मोदी सरकार की सबसे ओजस्वी, कार्यकुशल और साहसी केंद्रीय मंत्रियों में से एक रही। सीतारमण से पहले पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1975 और फिर 1980-1982 में प्रधानमंत्री रहते हुए रक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाला था। सीतारमण के रक्षामंत्री रहते ही भारत ने पुलवामा आतंकी हमले के तेरह दिन के भीतर पाकिस्तान के बालाकोट में हवाई हमला करके आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त किया जिसमें कई आतंकवादी मारे गए। इस्राइल और अमेरिका के साथ रक्षा सौदों में सीतारमण की भूमिका अहम रही। पिछले कैबिनेट के सबसे उच्च शिक्षित मंत्रियों में से एक सीतारमण ने तिरुचिरपल्ली के सीतालक्ष्मी रामस्वामी कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक और देश के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से अर्थशास्त्र में एम.फिल की डिग्री हासिल की है।
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भाजपा प्रवक्ता के तौर पर शालीनता से टीवी बहसों में पार्टी का पक्ष रखने वाली दक्षिण भारतीय सीतारमण उत्तर भारत में भी लोकप्रिय चेहरा रहीं। उनकी हाजिरजवाबी के भी मुरीद कम नहीं और इसे इस तरह से समझा जा सकता है कि राफेल मामले पर कांग्रेस पर पलटवार करते हुए उन्होंने जब संसद में भाषण दिया तो वह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। छोटे पर्दे पर होने वाली बहसों में धीर गंभीर हो कर अपनी बात रखने वाली सीतारमण सवालों का बेहद संतुलित जवाब देती हैं। उनका विवाह आंध्रप्रदेश के एक परिवार में हुआ। दिलचस्प बात यह है कि निर्मला के ससुराल वालों का जुड़ाव कांग्रेस के साथ रहा और निर्मला भाजपा से जुड़ीं।