पीपीई की उपलब्धता को लेकर भयभीत होने की जरूरत नहीं: स्वास्थ्य मंत्रालय

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 09, 2020

नयी दिल्ली।  स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना संकट से निपटने के लिये चिकित्सा कर्मियों के निजी सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) सहित अन्य संसाधन पर्याप्त संख्या में उपलब्ध होने का भरोसा जताते हुये बृहस्पतिवार को कहा कि पीपीई की उपलब्धता को लेकर भयभीत होने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट (पीपीई) की कमी की आशंकाओं को खारिज करते हुये कहा कि भारत में 20 कंपनियां पीपीई का निर्माण कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिये 1.7 करोड़ रुपये की कीमत के पीपीई की खरीद के आर्डर दिये जा चुके हैं। साथ ही 49 हजार वेंटिलेटर भी खरीदे जा रहे हैं। अग्रवाल ने नियमित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के संक्रमण के 540 नये मामले सामने आये हैं और इस दौरान 17 लोगों की मौत हुई। उन्होंने कहा कि संक्रमण के मामले गुरुवार को बढ़कर 5734 हो गये जबकि इससे हुयी मौत का आंकड़ा 166 पर पहुंच गया है। अग्रवाल ने बताया कि अब तक संक्रमित मरीजों में से 473 को इलाज के बाद स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है। इस दौरान भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के वरिष्ठ वैज्ञानिक मनोज मुरहेकर ने संक्रमण के मामले सामने आने की गति स्थिर होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश में अब तक कोरोना संक्रमण की जांच के लिये 1.30 लाख परीक्षण किये जा चुके हैं। मुरहेकर ने कहा कि इनमें पिछले 24 घंटों में किए गए 13,143 परीक्षण भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षण में संक्रमित मामले सामने आने की दर तीन से पांच प्रतिशत के स्तर पर बरकरार है। इसमें कोई इजाफा नहीं हुआ है। अग्रवाल ने अस्पतालों में पीपीई की कमी से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘पीपीई को लेकर अफवाहों में आने या आतंकित होने की कोई जरूरत नहीं है। जरूरत सिर्फ इस बात की है कि पीपीई, एन-95 मास्क और अन्य उपकरणों की सीमित आपूर्ति को देखते हुये जरूरत के मुताबिक इनका संतुलित इस्तेमाल किया जाये।’’  उन्होंने कहा, ‘‘मानकों के आधार पर एक स्वास्थ्यकर्मी के लिये एक दिन में एक मास्क का इस्तेमाल किया जाना चाहिये। कोई व्यक्ति चार मास्क भी इस्तेमाल कर सकता है, लेकिन यह गैरजरूरी है। सरकार सिर्फ जरूरत के मुताबिक ही संसाधनों के इस्तेमाल पर जोर दे रही है, संसाधनों की कोई कमी नहीं है।’’ अग्रवाल ने कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने में राज्यों की मदद के लिये पूरी तरह से केन्द्र सरकार द्वारा प्रायोजित ‘‘कोविड इमरजेंसी पैकेज’’ को मंजूरी दिये जाने की जानकारी देते हुये कहा कि राज्यों के स्तर पर इस संकट से निपटने में संसाधनों की कमी को बाधक नहीं बनने दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस पैकेज के तहत कोरोना के रोगियों के लिये अलग से अस्पताल बनाने और प्रयोगशाला सहित अन्य जरूरी चिकित्सा संसाधनों की आपूर्ति सुनिश्चित की जायेगी।  

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