By अंकित सिंह | Jun 26, 2026
तृणमूल कांग्रेस (TMC) में अंदरूनी कलह के बीच, पार्टी विधायक कुणाल घोष ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी कार्यकर्ता एकजुट हैं और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति वफादार हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में उत्तरी कोलकाता में हुई कार्यकर्ताओं की बैठक में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और ममता बनर्जी के समर्थन तथा पार्टी नेतृत्व के पक्ष में नारे लगाए गए। कोलकाता में ANI से बात करते हुए घोष ने कहा कि कल नॉर्थ कोलकाता में TMC कार्यकर्ताओं की एक बैठक हुई। भारी बारिश के बावजूद हॉल खचाखच भरा था और बाहर भी कार्यकर्ता जमा हुए थे। नारा था: "हम गद्दार नहीं हैं, हम दीदी के साथ हैं।"
उनका यह बयान पार्टी के अंदरूनी मतभेद के बीच आया है। दरअसल, रिताब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले एक बागी गुट ने 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस कमेटी' के लिए एक नए नेतृत्व ढांचे के गठन की घोषणा की और अरूप रॉय को इसका अध्यक्ष नियुक्त किया। इस गुट को पार्टी के 80 में से कम से कम 58 विधायकों का समर्थन हासिल है। इस गुट ने 30 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्य समिति (NWC) का भी गठन किया है और कहा है कि ममता बनर्जी को पार्टी में मार्गदर्शक की भूमिका निभाते रहना चाहिए। इस समिति में फरहाद हकीम, अरूप बिस्वास, रथिन घोष, सबीना यास्मीन, जावेद खान और संदीपन साहा समेत अन्य लोग शामिल हैं। फरहाद हकीम, अरूप बिस्वास, रथिन घोष और सबीना यास्मीन को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस के बीस सांसदों ने 'नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया' (NCPI) के साथ विलय की घोषणा की। इस बीच, ममता बनर्जी ने अपनी पकड़ मज़बूत करने के लिए तेज़ी से कदम उठाते हुए चुनाव आयोग को पदाधिकारियों की एक आधिकारिक सूची सौंपी, जिसमें उन्होंने खुद को पार्टी की चेयरपर्सन बताया है।
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