By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 13, 2023
ओडिशा के एक जनजातीय संगठन ने विरोध-प्रदर्शन को लेकर उसके सदस्यों के खिलाफ यूएपीए के तहत दर्ज मामलों को तत्काल वापस लेने की मांग की है। यह संगठन राज्य के कालाहांडी और रायगढ़ा जिलों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशील नियमगिरि पहाड़ियों में बॉक्साइट खनन का विरोध एक दशक से अधिक समय से कर रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह मांग कथित तौर पर ‘वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ पुलिस कार्रवाई’ का विरोध करने के लिए नियमगिरि सुरक्षा समिति (एनएसएस) के नौ सदस्यों के खिलाफ सख्त गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) 1967 के तहत आरोप तय करने के बाद की गई है।
उन्होंने दावा किया, ‘‘शुरुआत में पुलिस ने दोनों का पता नहीं बताया। लेकिन इसके बाद एक ग्रामीण पर वर्ष 2018 की बलात्कार की घटना को लेकर मामला दर्ज किया गया और दूसरे को रिहा कर दिया गया।’’ आजाद ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार बॉक्साइट खनन के खिलाफ स्थानीय लोगों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।