30 बुलडोजर लेकर पहुंचे अधिकारी, भड़क उठे CJI, कहा- विकास जरूरी, पर क्‍या रातोंरात...

By अभिनय आकाश | Jul 23, 2025

सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना के कांचा गाचीबोवली में वन भूमि को साफ करने के लिए बुलडोजर के इस्तेमाल पर तीखी असहमति जताते हुए कहा कि रातोंरात किए गए ऐसे कार्यों को सतत विकास के रूप में उचित नहीं ठहराया जा सकता। स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई कर रही पीठ का नेतृत्व कर रहे भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई ने कार्यवाही के दौरान टिप्पणी की कि वे सतत विकास के पक्ष में तो हैं, लेकिन इस मामले में वनों की कटाई की प्रकृति और गति अस्वीकार्य है। मुख्य न्यायाधीश ने सुनवाई के दौरान कहा कि मैं स्वयं सतत विकास का समर्थक हूं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप रातोंरात 30 बुलडोजर लगा दें और सारा जंगल साफ कर दें।

इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान को बड़ा झटका, PTI के सात नेताओं को 10 साल की कैद

इससे पहले हुई एक सुनवाई में सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के अधिकारियों की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की थी, उन्हें अवमानना की कार्यवाही की चेतावनी दी थी और यहाँ तक सुझाव दिया था कि अगर वे अदालत के आदेशों का पालन करने में विफल रहे, तो दोषी अधिकारियों को उस स्थान पर बनी अस्थायी जेलों में रखा जा सकता है। न्यायालय ने निर्देश दिया था कि स्थल पर यथास्थिति बहाल करना सर्वोच्च प्राथमिकता है और राज्य वन्यजीव वार्डन को वनों की कटाई से प्रभावित वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा था। उसने राज्य सरकार को केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति की स्थल निरीक्षण रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देने के लिए समय भी दिया और जंगल को उसकी पूर्व स्थिति में बहाल करने के लिए एक कार्य योजना प्रस्तुत करने का आदेश दिया। 

प्रमुख खबरें

LIC ओएफएस को जोरदार प्रतिक्रिया, संस्थागत निवेशकों ने लगाई 36,400 करोड़ रुपये की बोली

सोयाबीन Oil और सरसों तेल के दाम में त्योहारी मांग से सुधार

Commonwealth Games जूडो स्वर्ण पदक विजेता Asmita Dey ने साझा किए अपने अनुभव

मऊ में QR Code ठगी करने वाला Dharmendra Yadav गिरफ्तार, 16 सामान बरामद