मंत्रिमंडल में फेरबदल करेंगे Omar Abdullah, विधायकों से कहा, अब मेरे पास बायोडाटा नहीं भेजें फैसला हो चुका है

By नीरज कुमार दुबे | Oct 24, 2026

मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की आहट ने जम्मू-कश्मीर की सियासत में हलचल तेज कर दी है। विधायकों में मंत्री की कुर्सी पाने की बेचैनी है, तो मौजूदा मंत्रियों को अपनी कुर्सी खिसकने का डर सता रहा है। हम आपको बता दें कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अगले दो से तीन दिनों में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल का ऐलान कर सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। अब हर किसी की निगाहें उस फैसले पर टिकी हैं, जो किसी की किस्मत चमका सकता है, तो किसी का सत्ता का सफर खत्म कर सकता है।

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फारूक अब्दुल्ला से सलाह के बाद तैयार हुई सूची

उमर अब्दुल्ला ने सबसे महत्वपूर्ण बात यह कही कि मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले नेताओं की सूची नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला से सलाह-मशविरे के बाद तैयार कर ली गई है। उनके इस बयान से उन नेताओं की बेचैनी बढ़ सकती है, जो मंत्री पद हासिल करने के लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक अपनी पहुंच बनाने में जुटे हैं।

मुख्यमंत्री ने दो टूक अंदाज में कहा कि अब किसी को उनके पास, फारूक अब्दुल्ला के पास या किसी दूसरे नेता के दरवाजे पर दस्तक देने की जरूरत नहीं है। मंत्री कौन बनेगा, इसका फैसला हो चुका है। उमर का यह संदेश साफ है कि आखिरी वक्त की सिफारिशों और दबाव की राजनीति से अब फैसले बदलने वाले नहीं हैं।

व्हाट्सऐप पर बायोडाटा भेजने वालों को भी नसीहत

मंत्री बनने की चाह रखने वाले पार्टी नेताओं की बेचैनी का अंदाजा उमर अब्दुल्ला की उस टिप्पणी से लगाया जा सकता है, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्हें लगातार फोन कॉल और व्हाट्सऐप संदेश मिल रहे हैं। कई नेता अपने राजनीतिक सफर, उपलब्धियों और अनुभव का लंबा ब्योरा भेजकर अपनी दावेदारी मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

उमर ने ऐसे नेताओं को साफ संदेश दिया कि वे न तो उन्हें फोन करें और न ही व्हाट्सऐप पर संदेश भेजें। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने नेताओं के बारे में जानकारी है और अब उन्हें अपनी पूरी राजनीतिक जीवनी भेजने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने पार्टी सहयोगियों से धैर्य रखने और फैसले का इंतजार करने को कहा।

किसकी चमकेगी किस्मत, किसकी जाएगी कुर्सी?

मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही जम्मू-कश्मीर की सियासत में नए समीकरण बनने की संभावना है। नए चेहरों को मौका देने के लिए मौजूदा मंत्रियों में से कुछ की जिम्मेदारियां बदली जा सकती हैं या उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि कितने नए मंत्री शामिल होंगे और किन मंत्रियों की छुट्टी होगी।

फिलहाल इतना तय है कि उमर अब्दुल्ला ने समयसीमा बता दी है और मंत्री पद के दावेदारों को भी अपना संदेश सुना दिया है। अब अगले दो-तीन दिन जम्मू-कश्मीर की राजनीति के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं। सबकी निगाहें उस सूची पर होंगी, जो कुछ नेताओं के लिए सत्ता के दरवाजे खोलेगी, तो कुछ के लिए सियासी झटका साबित हो सकती है।

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