Yasin Malik और Engineer Rashid पर PMLA के तहत आरोप तय करने का निर्देश

दिल्ली की एक अदालत ने 24 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों के लिए कथित रूप से धन जुटाने के मामले में यासीन मलिक और बारामूला सांसद इंजीनियर रशीद समेत सात आरोपियों पर मुकदमा चलाने का निर्देश दिया। विशेष अदालत के अनुसार आरोपियों के खिलाफ रिकॉर्ड पर पर्याप्त सामग्री मौजूद है। जांच एजेंसी ईडी का आरोप है कि आरोपियों ने हवाला और अन्य माध्यमों से 8.94 करोड़ रुपये की अपराध से आय अर्जित की।
दिल्ली की एक अदालत ने जेल में बंद अलगाववादी नेता यासीन मलिक, बारामूला के सांसद शेख अब्दुल रशीद उर्फ इंजीनियर रशीद और पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों के लिए हवाला के जरिए पाकिस्तान से कथित तौर पर धन प्राप्त करने से जुड़े धन शोधन मामले में मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने आरोपियों के अपराध में शामिल होने का मजबूत संदेह व्यक्त करने के लिए रिकॉर्ड पर पर्याप्त सामग्री पाते हुए सात आरोपियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का आरोप है कि आरोपियों ने विभिन्न माध्यमों से 8.94 करोड़ रुपये की अपराध से आय अर्जित की, प्राप्त की, अंतरित की, छिपाई, अपने अधिकार में रखी और उसका इस्तेमाल किया।
आरोपियों में प्रतिबंधित जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासीन मलिक, अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह, बारामूला के सांसद शेख अब्दुल रशीद, मसरत आलम, जहूर अहमद शाह वटाली, नवल किशोर कपूर और मैसर्स ट्रिसन फार्म्स एंड कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। ईडी का मामला राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा 2017 में दर्ज एक मामले से जुड़ा है। उस मामले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे।
अभियोजन पक्ष का आरोप है कि आरोपियों ने अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देने और देश के कानूनों के विरुद्ध काम करने के लिए हवाला तथा अन्य माध्यमों से ‘पाकिस्तानी तंत्र’ से धन प्राप्त किया। ईडी के अनुसार, यह धन नकदी लाने ले जाने वालों और बिचौलियों के एक जटिल तंत्र के जरिए भेजा गया था। आरोप है कि इन बिचौलियों ने नयी दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग से धन एकत्र किया और उसे विध्वंसकारी गतिविधियों के लिए यासीन मलिक समेत अलगाववादी नेताओं तक पहुंचाया।
जांच एजेंसी का आरोप है कि मलिक ने तीन करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी धनराशि प्राप्त की और अपराध से अर्जित इस आय को ठिकाने लगाया। एजेंसी ने शब्बीर अहमद शाह और इंजीनियर रशीद पर भी बिचौलियों के जरिए धन प्राप्त करने तथा अलगाववादी संगठनों के साथ संबंध बनाए रखने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि मुकदमे की सुनवाई के दौरान होनी बाकी है।
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