जुलाई या अगस्त की शुरुआत तक प्रति दिन एक करोड़ लोगों का टीकाकरण हो सकेगा : केंद्र

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 02, 2021

नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि जुलाई या अगस्त की शुरुआत तक कोविड-19 के पर्याप्त टीके उपलब्ध होंगे जिससे प्रति दिन एक करोड़ लोगों को टीका लगाया जा सकेगा। सरकार ने कहा कि टीके की कमी नहीं है और देश की बड़ी आबादी को देखते हुए धैर्य बनाए रखने की जरूरत है। सरकार ने कहा कि दूसरी लहर धीमा पड़ रही है और जांच बढ़ाए जाने के साथ ही जिला स्तर पर निरूद्ध क्षेत्र बनाए जाने से मामलों को कम किया जा सका है। साथ ही इसने कहा कि लॉकडाउन में छूट आवश्यक है लेकिन इसे धीरे-धीरे किया जाना चाहिए।

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भार्गव ने कहा, ‘‘इस वर्ष के मध्य तक, मध्य जुलाई या अगस्त की शुरुआत तक हमारे पास इतना टीका होगा कि हम प्रति दिन एक करोड़ लोगों का टीकाकरण कर पाएंगे।’’ स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि केंद्र ने मई में राज्यों को टीके की 4,03,49,830 खुराकें नि:शुल्क मुहैया कराईं जबकि राज्यों ने 2,66,50,500 खुराकें सीधे खरीदीं और निजी अस्पतालों द्वारा 1,24,54,760 खुराकें सीधे खरीदी गईं। पिछले महीने 7,94,55,090 उपलब्ध थीं जिनमें से 6,10,57,003 खुराकें लगाई जा चुकी हैं। मंत्रालय की तरफ से आज सुबह उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक देश में अभी तक कोविड-19 की कुल 21,60,46,638 खुराकें दी जा चुकी हैं। भार्गव ने कहा कि अप्रैल के पहले हफ्ते में 200 से कम जिलों में संक्रमण दर दस फीसदी से अधिक थी जबकि अप्रैल के अंतिम हफ्ते में करीब 600 जिलों में संक्रमण दर दस फीसदी से अधिक चली गई। अग्रवाल ने कहा कि भारत में संक्रमण के मामले सात मई को उच्चतम स्थिति में पहुंचे थे और उसके बाद से रोजाना मामलों में लगातार कमी आ रही है। उन्होंने कहा कि इसके बाद उनमें करीब 69 फीसदी की कमी आई है। साथ ही उपचाराधीन मामलों की संख्या में लगातार कमी आ रही है जो वर्तमान में 18.95 लाख है। मंगलवार को रोजाना संक्रमण दर 6.62 फीसदी थी जो एक अप्रैल के बाद सबसे कम है।

पॉल ने कहा कि एक ही व्यक्ति को अलग-अलग कंपनी के टीके लगाने का प्रोटोकॉल नहीं है और कोविशील्ड या कोवैक्सीन की दो खुराक लगाए जाने की समय सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बच्चों में कोविड-19 संक्रमण के बारे में पॉल ने कहा कि अभी तक बच्चों में कोरोना वायरस ने गंभीर रूप अख्तियार नहीं किया है लेकिन अगर वायरस के व्यवहार में परिवर्तन होता है तो इसका प्रभाव उनमें बढ़ सकता है और इस तरह की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां जारी हैं। उन्होंने एलोपैथी पर योग गुरु रामदेव के बयान को लेकर चिकित्सकों के प्रदर्शन पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।

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