किसानों के सहारे मोदी सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहा है विपक्ष,सरकार देगी जवाबः नरेंद्रसिंह तोमर

By दिनेश शुक्ल | Dec 16, 2020

ग्वालियर। नए कृषि कानूनों को पूरे देश के किसानों का समर्थन मिल रहा है, लेकिन विपक्ष ने पंजाब के किसानों को भ्रमित कर दिया और वे आंदोलन कर रहे हैं। सरकार 24 घंटे किसानों से चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष यदि किसानों के सहारे मोदी सरकार की छवि को धूमिल करने का काम करेगा तो सरकार उसका जबाव देगी। पहले कांग्रेस ने भी अपने घोषणा पत्र में नए कृषि कानून बनाने की बात कही थी और अब यही काम मोदी सरकार ने किया है तो उन्हें इसलिए तकलीफ हो रही है, क्योंकि जनता का समर्थन मिल रहा है। यह बात आज केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने ग्वालियर में भाजपा के किसान सम्मेलन में कही। सम्मेलन को वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालसिंह आर्य ने भी संबोधित किया।

किसान सम्मेलन में कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि देश के किसान विश्वस्तरीय खेती कर सकें,  इसके लिए पुराने कृषि कानूनों को बदलना जरूरी था। नए कानून किसान के साथ खेती व देश की तस्वीर बदल देंगे। उन्होंने कहा कि पूरे देश के किसानों का समर्थन इन नए कानूनों को मिल रहा है, लेकिन कांग्रेस सहित विपक्ष ने पंजाब के किसानों को भ्रमित कर दिया है। मोदी सरकार किसानों के प्रति संवेदनशील है और सरकार ने कई बार किसानों से कहा है कि वे कानून के उन प्रावधानों को बताएं, जिससे उन्हें नुकसान हो रहा है।

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उन्होंने कहा कि किसानों के इस आंदोलन का वामपंथी और कांग्रेस मिलकर दुरुपयोग कर रहे हैं और मोदी सरकार को झुकाने व छवि धूमिल करने का असफल प्रयास कर रहे हैं। सरकार उनके इस कदम का जबाव भी देने को तैयार है। तोमर ने कहा कि मध्य प्रदेश में ग्वालियर के साथ इंदौर, रीवा, सागर व उज्जैन में आयोजित किसान सम्मेलनों में किसानों ने नए कानूनों के प्रति समर्थन जताया है। तोमर ने कहा कि जब 2014 में मोदी सरकार बनी थी,  तो प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि यह बहुमत सरकार बनाने के लिए नहीं, बल्कि देश बदलने के लिए मिला है। देश बदलना है तो कठोर निर्णय लेने होंगे और इसमें अपने ही लोगों से संघर्ष होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा का यह सिद्धांत रहा है कि देश पहले, बाद में पार्टी और सबके बाद व्यक्ति ।

 

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किसानों और खेती की मजबूती के लिए काम कर रही सरकार

तोमर ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों व खेती को मजबूत करने का काम किया है। स्वामीनाथन रिपोर्ट के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया। पहले केवल गेहूं और चावल का ही एमएसपी मिलता था, अब कई प्रकार की फसलों का समर्थन मूल्य है। देश में छोटे किसान हैं और उनको आगे बढ़ाने के लिए कानून में बदलाव करना जरूरी था। उन्होंने कहा कि देश में खेती प्रमुख व्यवसाय है और 70 फीसदी जनता इससे जुड़ी हुई है। मुगल आए और अंग्रेज आए, लेकिन गांव की खेती को खत्म नहीं कर सके। खेती से ही देश की जीडीपी की दर अच्छी बनी हुई है। फैक्ट्रियां व अन्य व्यवसायों में रुकावट आती है, लेकिन खेती में नहीं और इसी कारण देश आर्थिक संकट झेल गया। अब मोदी सरकार लगातार किसानों को मजबूत बना रही है। 2006 में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट आई, लेकिन उसे लागू मोदी सरकार ने किया। अब फसल की लागत पर 50 फीसदी मुनाफा जोड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य तय होता है। उन्होंने बताया कि देश में 86 फीसदी छोटे किसान हैं, जिनके पास जमीनें कम हैं और ऐसे किसानों के लिए देश में 10 हजार एफएओ बनाए जा रहे हैं, जिससे किसानों को ताकत मिलेगी और मिलकर खेती करेंगे। कृषि मंत्री ने सम्मेलन में आए किसानों से कहा कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को नए कानूनों की बारीकियां समझाएं, जिससे वे भ्रमित नहीं हों।

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