By नीरज कुमार दुबे | Jul 28, 2025
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर केंद्र सरकार पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। एक साक्षात्कार में चिदंबरम ने कहा कि सरकार ने इस मामले में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है और महत्वपूर्ण विवरण साझा करने से परहेज कर रही है। चिदंबरम ने 22 अप्रैल को हुए उस हमले का जिक्र किया, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। उन्होंने पूछा, "आतंकी हमलावर कहां हैं? आपने उन्हें पकड़ा क्यों नहीं, या पहचान क्यों नहीं की? कुछ लोगों की गिरफ्तारी की खबरें आई थीं, जिन्होंने हमलावरों को पनाह दी थी। उनका क्या हुआ?" चिदंबरम ने कहा, "हमें अलग-अलग अधिकारियों से टुकड़ों में जानकारी मिलती है। रक्षा स्टाफ प्रमुख (CDS) सिंगापुर में बयान देते हैं और कुछ जानकारी देते हैं। उप थलसेना प्रमुख मुंबई में बयान देते हैं। इंडोनेशिया में नौसेना के एक कनिष्ठ अधिकारी बयान देते हैं। लेकिन प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री या विदेश मंत्री, कोई विस्तृत बयान क्यों नहीं दे रहे?"
चिदंबरम ने यह भी कहा कि सरकार हताहतों के सही आंकड़े छुपा रही है। उन्होंने कहा कि "मैंने एक कॉलम में लिखा था कि युद्ध में दोनों पक्षों को नुकसान होता है। यह स्वाभाविक है। मुझे लगता है भारत को भी नुकसान हुआ है। सरकार को यह साफ-साफ बताना चाहिए।" हम आपको बता दें कि चिदंबरम के यह बयान उस समय आए हैं जब संसद में पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर बहस होनी है।
इस बीच, भाजपा ने चिदंबरम के बयान पर पलटवार किया और कांग्रेस पर पाकिस्तान का बचाव करने का आरोप लगाया। भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा, "कांग्रेस एक बार फिर पाकिस्तान को क्लीन चिट देने के लिए दौड़ पड़ी है।'' उन्होंने कहा, "हर बार जब हमारी सेनाएं पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का सामना करती हैं, कांग्रेस नेताओं के बयान भारत की विपक्षी पार्टी की बजाय इस्लामाबाद के वकीलों जैसे क्यों लगते हैं?"
बहरहाल, चिदंबरम के सवाल एक ओर सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर गंभीर बहस खड़ी करते हैं, वहीं भाजपा इसे राष्ट्रहित के खिलाफ बयानबाज़ी बताकर विपक्ष पर पलटवार कर रही है। संसद में इस मुद्दे पर होने वाली चर्चा से यह स्पष्ट होगा कि क्या सरकार ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े तथ्यों पर कोई विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगी या राजनीतिक विवाद और गहराएगा।