Pakistan Economic Crisis: महंगाई और Electricity Bills ने तोड़ी जनता की कमर, Ipsos Survey में हुआ खुलासा

By अभिनय आकाश | Sep 05, 2026

इप्सोस (Ipsos) के एक सर्वे में पता चला है कि पाकिस्तान की आर्थिक मज़बूती पर लोगों का भरोसा और कम हो गया है; अब सिर्फ़ 14 प्रतिशत लोग ही अर्थव्यवस्था को मज़बूत मानते हैं। 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के मुताबिक, पिछली तिमाही के मुकाबले आर्थिक मज़बूती को लेकर लोगों की राय में छह प्रतिशत अंकों की गिरावट आई है। लोगों की चिंताओं में आर्थिक दबाव सबसे ऊपर बना हुआ है। देश के लिए महंगाई सबसे बड़ी चिंता है, इसके बाद बेरोज़गारी, गरीबी और बिजली की बढ़ती कीमतें आती हैं। बिजली कटौती (लोड-शेडिंग) अब एक बड़ी चिंता के तौर पर अतिरिक्त टैक्स से आगे निकलकर पांचवें स्थान पर आ गई है। इप्सोस के अनुसार, बिजली की कीमतों को लेकर चिंता नौ प्रतिशत अंक बढ़कर 35 प्रतिशत हो गई है, जबकि गरीबी को लेकर चिंता में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

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सिर्फ़ 15 प्रतिशत लोगों ने निवेश करने को लेकर भरोसा जताया, जबकि सिर्फ़ 16 प्रतिशत लोगों को अपनी नौकरी को लेकर सुरक्षा का एहसास हुआ। पाकिस्तान के सिर्फ़ एक-चौथाई लोग मानते हैं कि देश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, बलूचिस्तान में सबसे ज़्यादा 31 प्रतिशत लोग आशावादी थे, जबकि पंजाब में 26 प्रतिशत, सिंध में 21 प्रतिशत और खैबर-पख्तूनख्वा में सिर्फ़ 14 प्रतिशत लोग आशावादी थे। 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, इप्सोस पाकिस्तान के मैनेजिंग डायरेक्टर अब्दुल सत्तार ने तीसरी तिमाही को "सावधानी के साथ सुधार" का दौर बताया। उन्होंने कहा कि उम्मीदें और परिवारों के खर्च करने की क्षमता में सुधार हो रहा है, लेकिन यह सुधार इतना भी मज़बूत नहीं है कि लोग बड़े आर्थिक फैसले ले सकें।

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