Parliament Diary: संसद में उठा बांग्लादेश का मुद्दा, किसानों को लेकर विपक्ष का हंगामा

By अंकित सिंह | Dec 04, 2024

शीतकालीन सत्र के आठवें दिन बुधवार सुबह 11 बजे लोकसभा और राज्यसभा में कार्यवाही फिर से शुरू हुई। दोनों सदनों में आज सामान्य रूप से कामकाज हुआ। हालांकि, विपक्ष का कुछ मुद्दों को लेकर हंगामा भी देखने को मिला। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बॉयलर अधिनियम, 1923 को बदलने के लिए राज्यसभा में बॉयलर विधेयक, 2024 पेश किया। बुधवार को संसद के दोनों सदनों में प्रश्नकाल के दौरान अपेक्षाकृत सुचारु कार्यवाही देखने को मिली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में एलएसी पर हुई सेनाओं की वापसी पर राज्यसभा को जानकारी दी और कहा कि भारत-चीन संबंधों में सुधार के संकेत दिख रहे हैं। वहीं, केंद्र सरकार ने बताया कि कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु में बदलाव का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। विपक्षी सांसदों ने अदाणी मामले को लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन किया। 

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को सदन में केंद्र सरकार के मंत्रियों से कहा कि वे उन सदस्यों की बातों का जवाब देने की आदत छोड़ दें जिन्हें बोलने की अनुमति आसन से नहीं मिली है। उन्होंने यह टिप्पणी उस वक्त की, जब लोकसभा में प्रश्काल के दौरान नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय से जुड़े पूरक प्रश्न पूछे जा रहे थे। 

विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के कई घटक दलों के सांसदों द्वारा अदाणी समूह से जुड़े मुद्दे को लेकर बुधवार को संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन करने की पृष्ठभूमि में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज कहा कि सदस्यों को संसद के प्रवेश द्वार को अवरुद्ध नहीं करना चाहिए। बिरला ने सदन में कहा, ‘‘मैंने पूर्व में भी आग्रह किया था, फिर आज आग्रह कर रहा हूं..... संसद भवन के प्रवेश द्वार पर अवरोध होने की शिकायत कई सदस्यों ने की है। मेरा सभी राजनीतिक दलों से आग्रह है कि संसद भवन में आगमन के समय प्रवेश द्वार को अवरुद्ध नहीं करें।’’ 

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार और एक हिंदू पुजारी को गिरफ्तार करने का मुद्दा बुधवार को लोकसभा में उठाते हुए हेमा मालिनी समेत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कुछ सदस्यों ने पड़ोसी देश में हिंदुओं की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप का अनुरोध किया और संसद से एक प्रस्ताव पारित करने की भी मांग की। शून्यकाल में इस विषय को उठाते हुए मथुरा से भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर और इस्कॉन संस्था एवं उसके अनुयायियों पर चरमपंथियों द्वारा किए जा रहे हमले निंदनीय हैं।

स्वास्थ्य बीमा के तहत ‘क्लेम’ की गई पूरी राशि का लाभ पॉलिसी धारकों को नहीं मिलने पर चिंता जताते हुए भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने बुधवार को सरकार से अनुरोध किया कि इस ओर ध्यान दिया जाए और मध्यम वर्ग का संरक्षण किया जाए। 

राज्यसभा की कार्यवाही

कांग्रेस सहित कुछ अन्य विपक्षी दलों ने सरकार की कथित किसान विरोधी नीतियों और विभिन्न फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने के वादे को पूरा नहीं करने के विरोध में बुधवार को राज्यसभा से बहिर्गमन किया। इससे पहले, सभापति जगदीप धनखड़ द्वारा किसानों के मुद्दे पर चर्चा के लिए नियम 267 के तहत दिन के सूचिबद्ध कामकाज को निलंबित करने की मांग करने वाले नोटिस को अस्वीकार करने के बाद कांग्रेस के सदस्यों ने जमकर नारेबाजी की।

केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल ने बुधवार को बताया कि बहुराज्यीय सहकारी समितियों में धोखाधड़ी और कुप्रबंधन रोकने के लिए तथा इन समितियों के कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। पाल ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान बताया कि बहुराज्यीय सहकारी समितियों के लिए उठाए गए कदमों में समवर्ती ऑडिट का प्रावधान शामिल है, ताकि गड़बड़ी तुरंत संज्ञान में आए। पहले यह ऑडिट साल में एक बार होता था। 

भारत ने सीमा मुद्दे के निष्पक्ष और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान के लिए चीन से संपर्क बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताते हुए बुधवार को कहा कि सतत कूटनीतिक साझेदारी को दर्शाने वाले हालिया घटनाक्रम ने दोनों देशों के संबंधों में कुछ सुधार किया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यह भी कहा कि दोनों देशों के संबंध वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की मर्यादा का सख्ती से सम्मान करने और समझौतों का पालन करने पर निर्भर होंगे। भारत-चीन संबंधों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और गलवान घाटी की झड़प के बारे में विदेश मंत्री ने राज्यसभा में एक बयान में कहा कि 2020 के घटनाक्रम का भारत और चीन के संबंधों पर असर पड़ा जो असामान्य रहे, जब चीन की कार्रवाइयों की वजह से सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बाधित हुई।

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सरकार ने बुधवार को बताया कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और असम राइफल्स (एआर) में एक लाख से अधिक पद रिक्त हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 30 सितंबर तक सीएपीएफ और असम राइफल्स में कुल तैनात कर्मियों की संख्या 9,48,204 थी। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि सरकार रिक्तियों को तेजी से भरने के लिए कदम उठा रही है। 

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