By एकता | Jun 14, 2026
पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर हुई पत्थरबाजी और हंगामे को लेकर हाजीपुर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने स्थिति साफ की है। उन्होंने बताया कि शनिवार रात बिहार एक्साइज कॉन्स्टेबल परीक्षा के हजारों उम्मीदवार स्टेशन पर मौजूद थे। छात्रों ने एक ट्रेन (नंबर 2488) को रोक दिया और उसमें सवार हो गए। रेलवे प्रशासन छात्रों के लिए पूरी तरह तैयार था और रात 2:30 बजे ही कटिहार के लिए एक स्पेशल ट्रेन का इंतजाम कर दिया गया था, जो सुबह 5:47 बजे रवाना हुई।
इस हिंसक झड़प के बीच फंसे एक स्थानीय दुकानदार संजय कुमार शर्मा ने अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया, "शुरुआत में छात्रों ने ट्रेनें रोक दी थीं। जब प्रशासन रास्ता साफ कराने पहुंचा, तो भीड़ बिल्कुल नहीं मानी। देखते ही देखते भारी हंगामा और हिंसा शुरू हो गई। उपद्रवियों ने मेरी दुकान पूरी तरह तोड़-फोड़ दी और अंदर बड़े-बड़े पत्थर फेंके। मैं बमुश्किल अपनी जान बचाकर वहां से भागा, वरना कुछ भी हो सकता था।"
दुकानदार संजय कुमार ने आगे बताया कि परीक्षा देने आए छात्रों की संख्या हजारों में थी, लेकिन उनके मुकाबले ट्रेनें बहुत कम थीं। ट्रेन न मिलने के कारण छात्र बहुत ज्यादा गुस्से में थे, जिसके बाद यह पूरा विवाद खड़ा हुआ।