By सुयश भट्ट | Mar 29, 2022
भोपाल। मध्य प्रदेश में पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा और परिणाम में सवाल उठने के बाद पीईबी ने स्पष्टीकरण दिया है। पीईबी ने परीक्षा परिणामों को लेकर अभ्यर्थियों की चिंता को दूर करते हुए कहा कि हर स्तर पर निर्धारित प्रक्रिया अपनाई गई।
इसे भी पढ़ें:मेरठ पुलिस ने कुख्यातों की गिरफ्तारी को चलाया चेकिंग अभियान, 6 लोग गिरफ्तार
आगे लिखा कि प्रथम चरण के रिजल्ट के आधार पर सूची उपलब्ध कराते समय यह ध्यान रखा जाता है कि रेंडम लिस्ट हो जिससे वास्तव में यह पता नहीं लगाया जा सके कि मेरिट में कौन अभ्यार्थी ऊपर है और कौन नीचे है। प्रथम चरण के रिजल्ट में कटऑफ कभी नहीं बताया जाता है और यह प्रक्रिया वर्ष 2016 और 2017 के पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में भी अपनाई गई थी।
प्रथम चरण में कट ऑफ या मेरिट लिस्ट के अंक बता देने से फिजिकल टेस्ट की भी शुचिता प्रभावित होने की संभावना रहती है। फिजिकल टेस्ट में क्वालीफाईड पाए जाने के आधार पर फाइनल रिजल्ट निकाला जाता है, जिसमें कट ऑफ मार्क्स और अभ्यर्थी द्वारा प्राप्त मार्कस भी दर्शाए जाते हैं।
इसे भी पढ़ें:उज्जैन में स्कूल वैन पलटने से चालक की मौत, 23 बच्चे घायल
उन्होंने लिखा कि कुछ समाचारों में परीक्षा के परिणाम में कुछ अभ्यर्थियों को पहले क्वालीफाइड और बाद में नॉटक्वालीफाइड करने की बात कही जा रही हैलेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ है।
पीईबी द्वारा परीक्षा परिणाम एक ही बार जारी किया गया है। आवेदक स्वयं ऑनलाइन अपना परीक्षा परिणाम देख सकते हैं। यदि किसी भी प्रकार की कोई शंका है तो वे समुचित साक्ष्यों के साथ अपना आवेदन बोर्ड कार्यालय में प्रस्तुत करें, जिससे अनकी आशंका का समाधान किया जाएगा।
इसे भी पढ़ें:योगी सरकार में मंत्रालयों का बंटवारा, गृह समेत 34 विभाग मुख्यमंत्री के पास
पीईबी ने लिखा कि फाइनल रिजल्ट वर्गवार और आरक्षण नियमों के आधार पर होता है। इसलिए पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा और प्रथम चरण के रिजल्ट में अभ्यर्थियों को कोई शंका करने की आवश्यकता नहीं है। पीईबी यह आश्वस्त करता है कि परीक्षा नियम पुस्तिका के अनुसार कराई गई है और परिणाम भी पारदर्शी होगा।