चुनाव और चुनौती में पिस रही जनता, कैसे खुलेगा शाहीन बाग ?

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 27, 2020

दिल्ली के शाहीन बाग की चर्चा कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक हो रही है। जिन लोगों ने कभी शाहीन बाग का नाम भी नहीं सुना रहा होगा उनकी जुबान पर अब सिर्फ एक ही नाम है शाहीन बाग... सीएए, एनआरसी और एनपीआर का विरोध कर रहे लोग यहां महीनों से धरना दे रहे हैं। यह मामला इतना ज्यादा बढ़ गया कि इसकी आवाज हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को भी सुनाई दी। मौजूदा वक्त में सत्ता पक्ष और विपक्ष में शायद ही कोई ऐसा नेता हो जो इस मुद्दे से अछूता हो। ऊपर से दिल्ली के चुनावों में इसकी खासा चर्चा हो रही है।

शाहीन बाग पर चर्चा क्यों ?

शाहीन बाग की चर्चा इसलिए क्योंकि वहां पर महिलाएं काफी वक्त से धरने पर बैठी हुई हैं और उस सड़क का पूरा ट्रैफिक दूसरी सड़कों की तरफ मोड़ा गया है। जिसकी वजह से दिल्लीवासी ट्रैफिक में अपना काफी समय गुजारते है। लेकिन शाहीग बाग की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि 8 फरवरी को दिल्ली में चुनाव है और इसी चुनाव के मद्देनजर गृह मंत्री अमित शाह ने बाबरपुर में रैली की। 

रैली में अमित शाह ने भाजपा को वोट देने की बात कही। उन्होंने कहा कि ईवीएम को इतने गुस्से के साथ दबाना कि बटन बाबरपुर में दबे, करंट शाहीन बाग के अंदर लगे। मतलब समझे आप वोट बाबरपुर में दोगे लेकिन जो बिजली यहां पैदा होगी उसका झटका या कहें करंट शाहीन बाग में लगेगा। अब अमित शाह ने शाहीन बाग मामले में बोला है तो विरोधियों को कहां पचेगा। उनका रिप्लाई आना भी स्वभाविक था।

इसे भी पढ़ें: भाजपा को मत देने से शाहीन बाग जैसी हजारों घटनाएं रुकेंगी: अमित शाह

शाह के बयान पर क्या प्रतिक्रिया आई ?

सीएए, एनआरसी और एनपीआर का कई राजनीतिक दल विरोध कर रहे हैं। ऐसे में अमित शाह का बयान इन्हें कहां पचने वाला था। तभी तो प्रशांत किशोर ने शाह के बयान को चुनौती के तौर पर स्वीकार किया और एक ट्वीट कर दिया। पीके ने जोर का झटका धीरे से देने की बात कही। अरे अब आप लोग एक्शन रिप्ले  गाने को मत याद करें वो इससे कहीं ज्यादा अलग था। पीके पर ही ध्यान दें आप... पीके कहते हैं कि 8 फरवरी को दिल्ली में ईवीएम का बटन तो प्यार से ही दबेगा। जोर का झटका धीरे से लगना चाहिए ताकि आपसी भाईचारा और सौहार्द खतरे में ना पड़े। 

देखिए चुनाव जाएगा, मुद्दा बदल जाएगा... लेकिन 11 तरीख को जो नतीजे सामने आएंगे यानि की जिस भी दल की सरकार बनेगी वह पांच साल तक रहेगी। इसलिए सोच समझकर वोट दीजिएगा। बाकी हमने आपको दोनों नेताओं की बात बता दी।

इसे भी पढ़ें: भड़काऊ भाषण देने वाले शरजील, जिस पर भिड़े शाह और केजरीवाल, पिता लड़ चुके हैं चुनाव

तो क्या चुनावी मुद्दा है शाहीन बाग ?

दिल्ली में चुनाव है तभी तो शाहीन बाग मुद्दा है और नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वालों में दिल्ली के तीनों प्रमुख दल है। यानी कि आम आदमी पार्टी, भाजपा और कांग्रेस। तभी तो भाजपा के रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ये विरोध सीएए का विरोध नहीं है बल्कि प्रधानमंत्री का विरोध है...उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी और केजरीवाल इस मामले में कुछ नहीं बोल रहे जबकि इनके लोग बहुत बयानबाजी कर रहे हैं।

वैसे राजनीति का मतलब ही आज के समय में बयानबाजी हो गया है। आप लोगों ने अक्सर देखा होगा जब किसी नेता को जनता भूलने लगती है तो वह उल-जुलूल बयानबाजी करके फिर से राजनीति के केंद्र में आ जाते हैं। चलिए छोड़िए ये बात वापस मुद्दे में आते हैं।

इसे भी पढ़ें: कुछ सौ लोगों द्वारा मौन बहुसंख्यकों को दबाने का सटीक उदाहरण है शाहीन बाग: रविशंकर प्रसाद

आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के नेता सीएए के जरिए भ्रम फैला रहे हैं ऐसे आरोप भाजपा लगाते आ रही है। लेकिन आज केजरीवाल ने भी चुप्पी तोड़ दी। उन्होंने उल्टा भाजपा को ही निशाने पर ले लिया। वो कहते हैं कि  गृह मंत्री अमित शाह एवं दूसरे मंत्रियों को शाहीन बाग जाना चाहिए तथा लोगों से बातचीत कर रास्ता खुलवाना चाहिए। हालांकि केजरीवाल ने यह दावा भी किया भाजपा शाहीन बाग में रास्ता खुलवाना ही नहीं चाहती और यह सड़क आठ फरवरी के बाद खुल जाएगी। आठ फरवरी यानी कि मतदान की तारीख।

शाहीन बाग के जरिए कहीं वोटर्स को तो साध नहीं रहे केजरीवाल ?

गृह मंत्री अमित शाह के सड़क पर उतरने के साथ ही आम आदमी पार्टी की चुनौती बड़ी हो गई है। इस बार भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ रही है। जिसका मतलब साफ है कि प्रधानमंत्री की छवि पर चुनाव हो रहा है ऐसे में भाजपा अपनी पूरी ताकत झोक कर वोटर्स को अपनी तरफ खींचने का काम कर रही है और केजरीवाल इस बात को समझ गए हैं तभी तो केजरीवाल को जाम में फंसे लोगों की भी सुध आ गई। केजरीवाल ने कहा कि शाहीन बाग में जाम से लोगों को बहुत तकलीफ हो रही है। मैं कई बार कह चुका हूँ कि प्रदर्शन संवैधानिक अधिकार है लेकिन इससे किसी को तकलीफ नहीं होनी चाहिए। भाजपा पर बरसते-बरसते केजरीवाल ने तो रास्ता खुलवाने की अनुमति देते हुए समयसीमा भी तय कर दी। केजरीवाल ने भाजपा को निशाने पर लेते हुए कह दिया कि एक घण्टे में रास्ता खुलवाओ।

इसे भी पढ़ें: अमित शाह और दूसरे मंत्री शाहीन बाग जाएं और बातचीत कर रास्ता खुलवाएं : केजरीवाल

किसी को तकलीफ नहीं होनी चाहिए इस बात का भी जिक्र किया गया था... लेकिन अफसोस है, दिल्लीवासी परेशान है और राजनेता राजनीति कर रहे हैं।

हमारी गुजारिश आपसे इतनी ही है कि अपने मताधिकार का इस्तेमाल जरूर करिएगा...और आपका विवेक जिसे वोट देने के लिए कहें वोट दीजिए...

प्रमुख खबरें

Hindustan Zinc में Stake Sale की तैयारी, ₹80,000 करोड़ का Disinvestment Target पूरा करेगी सरकार

Womens Asia Cup से पहले Pakistan को बड़ा झटका, Najiha Alvi चोटिल होकर बाहर, Sadaf Shamas की हुई एंट्री

England Cricket में बड़ा बवाल, Nightclub के बाहर हथकड़ी में दिखे Brydon Carse टेस्ट मैच से बाहर

हरियाणा में Godrej Group का मेगा प्लान, 20,000 करोड़ के Investment से खुलेंगे 40,000 Jobs के नए द्वार