By अंकित सिंह | Sep 05, 2025
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए उसने नागरिकों पर भारी करों का बोझ डाला। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा जीएसटी में हालिया बदलाव से निवेश और रोज़गार की एक नई लहर पैदा होगी जो भारत के विकास चक्र को गति देगी। नई दिल्ली में भाजपा द्वारा आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, गोयल ने कहा कि जीएसटी दरों में बदलाव अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। उन्होंने कहा कि जीएसटी में बदलाव आने वाले दिनों में अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
भाजपा नेता ने कहा कि 15 अगस्त को प्रधानमंत्री जी ने देश से वादा किया था कि अब देश निकल पड़ा है, रुकेगा नहीं, झुकेगा नहीं। अब बड़े परिणाम देने वाले कदम उठाने की क्षमता भारत में है। उन्होंने कहा कि 2014 में, जब हमारी सरकार सत्ता में आई थी, तब यह क्षमता नहीं थी। हम सब जानते हैं कि उस समय अर्थव्यवस्था कितनी कमज़ोर थी और सिर्फ़ भ्रष्टाचार से भरी हुई थी। वादे तो हुए, लेकिन लोगों को कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ही कभी एकीकृत कर प्रणाली की कल्पना की थी। लेकिन जब यूपीए सरकार आई, तो वे बिना कोई कार्रवाई किए वादे करते रहे। राज्य सरकारों को उन पर भरोसा नहीं रहा। प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता और दृढ़ संकल्प के कारण ही जीएसटी एक वास्तविकता बन पाया।
गोयल ने कहा कि ये क्षमता देश में 2014 में नहीं थी। जब हमारी सरकार आई तो उस समय देश की अर्थव्यवस्था कितनी कमजोर थी, ये हम सब जानते हैं। कांग्रेस के शासन में भ्रष्टाचार के अलावा कोई प्रभावशाली कदम नहीं उठाए गए। वादे बहुत किए जाते थे, लेकिन कार्रवाई गायब था। उन्होंने कहा कि 2017 से 2024-25 तक समय-समय पर जहां-जहां संभव हुआ प्रधानमंत्री जी रेट्स कम करते ही रहे हैं। आपको याद होगा कि 2018 में तो 100-150 आइटम्स पर एक साथ कम किए गए थे। देश के उपभोक्ताओं को लाभ देने का ये सिलसिला लगातार प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में चलता रहा है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष ने अनाप शनाप आरोप, झूठे आरोप लगाए और गलतफहमियां पैदा करने की कोशिश की। लेकिन, आप किसी भी व्यक्ति से बात कीजिए, 2014 से पहले कांग्रेस की सरकार के समय जो बोझ पेपर वर्क और टैक्स का था, वो 2017 में GST आने के बाद लगातार घट रहा है। उन्होंने कहा कि यूपीए काल के उस दौर को याद कीजिए, जब लोगों पर उत्पाद शुल्क, वैट, केंद्रीय बिक्री कर और प्रवेश कर के रूप में 30% से ज़्यादा कर का बोझ था। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने एक मज़बूत अर्थव्यवस्था का निर्माण किया है। इससे न केवल करों में कमी आई है, बल्कि जीएसटी दरों को सरल और युक्तिसंगत बनाया गया है और व्यापार करने में और आसानी हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस की नकारात्मक विचारधारा के बिल्कुल विपरीत, भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए एक सकारात्मक कदम उठाया है।