Somnath से PM Modi की हुंकार, Pokhran का जिक्र कर बोले- दुनिया की कोई ताकत भारत को झुका नहीं सकती

By अंकित सिंह | May 11, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित सोमनाथ अमृत महोत्सव में भाग लिया। भगवान शिव को समर्पित और बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक यह मंदिर, भारत की समृद्ध सभ्यतागत और आध्यात्मिक विरासत को प्रतिबिंबित करने वाले भव्य समारोहों का केंद्र था। यह महोत्सव भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा 1951 में पुनर्निर्मित मंदिर की प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।

मोदी ने कहा कि दादा सोमनाथ के अनन्य भक्त के रूप में मैं कितनी बार यहां आया हूं, कितनी ही बार उनके सामने नतमस्तक हुआ हूं। लेकिन आज जब मैं यहां आ रहा था, तो समय की ये यात्रा एक सुखद अनुभूति दे रही थी। उन्होंने कहा कि अभी कुछ ही महीने पहले मैं यहां आया था, तब हम सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मना रहे थे। प्रथम विध्वंस के 1,000 वर्ष बाद भी सोमनाथ के अविनाशी होने का गर्व और आज इस आधुनिक स्वरूप की प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष, हम केवल 2 आयोजनों का हिस्सा भर नहीं बनें, हमें हजार वर्षों की अमृत यात्रा को अनुभव करने का शिवजी ने मौका दिया है।

उन्होंने कहा कि 75 साल पहले... आज के ही दिन सोमनाथ मंदिर की पुनर्स्थापना... ये कोई साधारण अवसर नहीं था। अगर 1947 में भारत आजाद हुआ था... तो, 1951 में सोमनाथ की प्राण प्रतिष्ठा ने... भारत की स्वतंत्र चेतना का उद्घोष किया था। मैं यहां देख रहा हूं कि सोमनाथ का अमृत महोत्सव केवल अतीत का उत्सव नहीं है। ये अगले 1 हजार वर्षों के लिए भारत की प्रेरणा का महोत्सव भी है। आज का दिन एक और वजह से भी विशेष है। 11 मई, 1998 यानी आज के ही दिन देश ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया था। देश ने 11 मई को पहले 3 परमाणु परीक्षण किए। हमारे वैज्ञानिकों ने भारत के सामर्थ्य को, भारत की क्षमता को दुनिया के सामने रखा। दुनिया में तूफान आ गया कि भारत कौन होता है, उसकी ये हैसियत, जो परमाणु परीक्षण करें।

इसे भी पढ़ें: Nitesh Rane का बड़ा हमला, बोले- 'Asaduddin Owaisi और Osama Bin Laden में कोई अंतर नहीं'

मोदी ने कहा कि दुनिया भर की शक्तियां भारत को दबोचने के लिए मैदान में उतरी, अनेक प्रकार के बंधन लग गए, आर्थिक संभावनाओं के सारे रास्ते बंद कर दिए गए। 11 मई के बाद दुनिया हम पर टूट पड़ी थी। लेकिन 13 मई को फिर 2 और परमाणु परीक्षण हुए थे। उससे दुनिया को पता चला था कि भारत की राजनीतिक इच्छाशक्ति कितनी अटल है। उस समय पूरी दुनिया का दबाव भारत पर था। लेकिन अटल जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने दिखाया था कि हमारे लिए राष्ट्र प्रथम है। दुनिया की कोई ताकत भारत को झुका नहीं सकती, दबाव में नहीं ला सकती। देश ने पोखरण परमाणु परीक्षण को ऑपेरशन शक्ति नाम दिया था। क्योंकि, शिव के साथ शक्ति की आराधना ही हमारी परंपरा रही है।

देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi  केवल प्रभासाक्षी पर। 

प्रमुख खबरें

Russian Army में भर्ती न हों भारतीय नागरिक, Ministry of External Affairs ने जारी की एडवाइजरी

Allahabad High Court का निर्देश, पुलिस थानों में 24 घंटे चालू रहने चाहिए CCTV कैमरे

Delhi में सबसे गोल-मटोल कुत्ते के खिताब के लिए Gola और Gugu के बीच फाइनल मुकाबला

सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार: AAP ने मंत्री Parvesh Verma के खिलाफ ACB में दर्ज कराई शिकायत