जानिए कितने पानी में है भारत का ऊर्जा सेक्टर,आने वाले समय में होंगे यह बदलाव

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 23, 2020

नयी दिल्ली। बिजली मंत्री आर के सिंह ने बृहस्पतिवार को ब्राजील के निवेशकों से भारत के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह तीव्र वृद्धि वाला ऊर्जा बाजार है और इस क्षेत्र में आने वाले दिनों में खपत बढ़कर तीन गुना तक बढ़ जायेगी। सिंह ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि भारत स्थिर नीति उपलब्ध कराएगा और नियामकीय व्यवस्था सुगमता बढ़ाएगी।

भारत-ब्राजील ऊर्जा खनन में अवसर विषय पर सेमिनार को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, ‘‘हमारी आंकाक्षाओं को पूरा करने के लिये हमारी ऊर्जा खपत में वृद्धि की जरूरत है... हमारी प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत कम है।ऐसे में जल्दी ही हमारी ऊर्जा खपत दोगुनी या तीन गुनी हो जाने का अनुमान है।’’ 

उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि अधिक-से-अधिक कंपनियां यहां आयें और निवेश करें।हम स्थिर नीतिगत व्यवस्था का आश्वासन देते हैं। हम नियामकीय व्यवस्था उपलब्ध कराने का वादा करते हैं जो निष्पक्ष हो।ऐसी व्यवस्था होगी जिसमें कंपनियां स्वतंत्र रूप से काम कर सकेंगी। आप सभी का यहां निवेश को लेकर स्वागत है।’’सिंह ने कहा कि जहां तक ऊर्जा का संबंध है, कोई भी देश उतनी वृद्धि नहीं करेगा जितना कि भारत। मंत्री ने कहा, ‘‘हमें दुनिया की बराबरी करने के लिये अपनी ऊर्जा खपत को तीन गुनी करनी है... हम आपके रास्ते को सुगम बनाएंगे और यह देखेंगे आपको किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़े।’’ उन्होंने बिजली वितरण के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के अवसरों को रेखांकित किया। 

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भारत ने 2022 तक नवीकरणीय ऊर्जाक्षमता बढ़ाकर 1,75,000 मेगावाट रखने का लक्ष्य रखा है। इसमें से 86,000 मेगावाट की स्थापना पहले ही की जा चुकी है। इसके अलावा करीब 36,000 मेगावाट स्थापना के चरण में है और करीब 35,000 मेगावाट बोली के विभिन्न चरण में हैं। मंत्री ने भरोसा जताया कि भारत में 2030 तक कुल ऊर्जा में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी करीब 50 प्रतिशत होगी।उन्होंने अपने संबोधन में बिजली चालित वाहनों और चूल्हा का भी जिक्र किया जिससे आने वाले समय में बिजली की मांग बढ़ेगी।

ब्राजील के खान और ऊर्जा मंत्री बेंटो अलबुक्यूरक्यू ने कहा, ‘‘भारत कच्चे तेल की अपनी कुल जरूरत का करीब 80 प्रतिशत आयात करता है। वहीं ब्राजील शुद्ध रूप से तेल निर्यातक बन गया है।फिलहाल हमारे द्विपक्षीय कारोबार में तेल की हिस्सेदारी सर्वाधिक है। मुझे लगता है कि इसमें और काफी गुंजाइश है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों को एथनॉल को वैश्विक उत्पाद बनाने की दिशा में संयुक्त रूप से प्रयास करना चाहिए।

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ब्राजील के मंत्री ने कहा कि उनका देश बिजली उत्पादन क्षमता और पारेषण में विस्तार कर रहा है और ब्राजील में भारत की सर्वाधिक हिस्सेदारी बिजली में है। उन्होंने कहा, ‘‘हम ब्राजील के बिजली क्षेत्र में भारतीय पूंजी और प्रौद्योगिकी का स्वागत करते हैं।’’ब्राजील की कृषि मंत्री तेरेजा क्रिस्टिना ने कहा कि ब्राजील और भारत की वैश्विक स्तर पर गन्ना उत्पादन में हिस्सेदारी करीब 55 प्रतिशत है जबकि चीनी में यह 35 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा,‘‘लेकिन जहां तक एथनॉल का सवाल है, काफी विषमता है। ब्राजील 30 अरब लीटर के साथ दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है।वहीं भारत ने 2018 में 1.5 अरब लीटर का उत्पादन किया।इस संदर्भ में दोनों देशों के बीच सहयोग की काफी संभावना है। 

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