By अंकित सिंह | Aug 03, 2026
जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर 14,953 वोटों से आगे चल रहे हैं और वोटों की गिनती के 25वें राउंड के आखिर तक उन्होंने 50,976 वोट हासिल कर लिए हैं। इसके बाद उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है। वहीं, अब प्रशांत किशोर का भी बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि यह बांकीपुर की जनता की जीत है। जैसा कि हमने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था, यह सिर्फ़ विधायक चुनने का चुनाव नहीं था। यह बिहार की जनता की ओर से बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व को यह संदेश देने की कोशिश थी कि उन्हें बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर किसी अच्छे व्यक्ति को नियुक्त करना चाहिए...वे नहीं चाहते कि बिहार का नेतृत्व कोई ऐसा व्यक्ति करे जिसका आपराधिक बैकग्राउंड हो या जिसका आचरण, चरित्र या छवि संदिग्ध हो।
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सम्राट चौधरी का चरित्र और उनकी छवि पहले से ही सबके सामने है। अगर आप आपराधिक बैकग्राउंड वाले व्यक्ति को बिहार का मुख्यमंत्री बनाते हैं, तो बिहार तरक्की नहीं कर सकता। हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है। बीजेपी और एनडीए के पास बहुमत है। मुख्यमंत्री उनके गठबंधन से ही बनेगा। हम बस एक ही गुजारिश कर रहे हैं। बिहार के लोग, और खासकर बांकीपुर के लोग, प्रधानमंत्री मोदी से यह गुजारिश कर रहे हैं कि वे किसी काबिल और अच्छे चरित्र वाले व्यक्ति को बिहार का मुख्यमंत्री बनाएं, ताकि बिहार के लोगों को बिहारी होने पर गर्व हो सके और हमारे बच्चों को अच्छी शिक्षा और रोजगार मिल सके।
किशोर ने कहा कि इस जीत के बाद हमारी पहली प्राथमिकता बांकीपुर के लोगों के आशीर्वाद और भरोसे का सम्मान करना है। हम बांकीपुर को बेहतर बनाने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे। आपको अगले दो-तीन महीनों में ये बदलाव दिखने लगेंगे। मैं बड़े-बड़े वादे नहीं करना चाहता। मेरे विधायक बनने से बांकीपुर रातों-रात बेंगलुरु नहीं बन जाएगा। लेकिन अगले दो-तीन महीनों में आपको यहां कुछ सुधार ज़रूर दिखेंगे... बांकीपुर के लोगों ने बीजेपी नेतृत्व को एक साफ़ संदेश दिया है: 'कृपया बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर किसी अच्छे व्यक्ति को नियुक्त करें।'
उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी सम्राट चौधरी की जगह कुशवाहा समुदाय के किसी दूसरे नेता को लाना चाहती है, तो यह पूरी तरह से उनका फ़ैसला है। हमें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन जिसे भी चुना जाए, वह कुशवाहा समुदाय का एक काबिल और ईमानदार व्यक्ति होना चाहिए। बिहार को हर हाल में तरक्की करनी चाहिए। बिहार का विकास होना चाहिए। इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि कौन जीतता है या कौन सी पार्टी सरकार बनाती है। यही लोकतंत्र है। चुनाव में जीत-हार तो होती रहती है; वे आते-जाते रहते हैं। असल मायने में बिहार का विकास ही सबसे ज़रूरी है।
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