By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 28, 2019
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘भारत छोड़ो’ आंदोलन एवं स्वतंत्रता दिवस का जिक्र करते हुए देशवासियों से आजादी का पर्व मनाने एवं इसे लोक उत्सव बनाने के लिये नये तरीके ढूंढने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में अपने संबोधन में कामना की कि सावन का यह सुंदर और जीवंत महीना आप सबमें नई ऊर्जा, नई आशा और नई उम्मीदों का संचार करे। उन्होंने कहा कि अगस्त महीना ‘भारत छोड़ो’ आंदोलन की याद ले करआता है। ‘‘मैं चाहूँगा कि 15 अगस्त की कुछ विशेष तैयारी करें आप लोग। आजादी के इस पर्व को मनाने का नया तरीका ढूढें। जन भागीदारी बढ़े।’’ मोदी ने कहा, ‘‘15 अगस्त लोकोत्सव कैसे बने? जनोत्सव कैसे बने? इसकी चिंता जरुर करें आप।’’ उन्होंने कहा कि यही वह समय है, जब देश के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। कई हिस्सों में देशवासी बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ से कई प्रकार के नुकसान भी उठाने पड़ते हैं।
प्रधानमंत्री ने अमरनाथ यात्रा की सफलता के लिए जम्मू-कश्मीर के लोगों और उनकी मेहमान-नवाजी की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि ये सारी चीज़ें भविष्य में पर्यटन के लिए बहुत लाभदायक साबित होने वाली हैं। उन्होंने इस महीने में श्रद्धालुओं के कांवड़ यात्रा पर जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भी इस वर्ष जब से चारधाम यात्रा शुरू हुई है, तब से डेढ़ महीने के भीतर 8 लाख से अधिक श्रद्धालु, केदारनाथ धाम के दर्शन कर चुके हैं। 2013 में आई भीषण आपदा के बाद, पहली बार, इतनी रिकॉर्ड संख्या में तीर्थयात्री वहाँ पहुंचेहैं। मोदी ने कहा, ‘‘ मेरी आप सभी से अपील है कि देश के उन हिस्सों में आप जरुर जाएं, जिनकी खूबसूरती, मानसून के दौरान देखते ही बनती है।’’