प्रियंका गांधी ने यूपी ही नहीं बल्कि देश की सियासत को बदलने वाला दांव चल दिया है

By दीपक कुमार त्यागी | Oct 20, 2021

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों में चंद माह ही शेष हैं, जिसके चलते राज्य में सियासी पारा पिछले कुछ दिनों से हाई है। हर राजनीतिक दल अपने सियासी पिटारे से मतदाताओं को लुभाने के लिए कुछ ना कुछ निकाल कर प्रस्तुत कर रहा है, सब अपने राजनीतिक दांव को मास्टर स्ट्रोक बता रहे हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश के साथ ही देश की राजनीति में 19 अक्टूबर 2021 को उस वक्त जबरदस्त तहलका मच गया जब कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों के संदर्भ में लखनऊ में एक प्रेसवार्ता का आयोजन करके प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों में 403 सीट में 40 फीसदी टिकट महिलाओं को देने की घोषणा कर दी।

कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के चुनावी कुरुक्षेत्र के लिए "लड़की हूं, लड़ सकती हूं" का नया नारा गढ़कर तथा महिलाओं को 40 फीसदी टिकट देने की बात करके राजनीति का बड़ा सियासी दांव चल दिया है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि कांग्रेस की नजर भाजपा के उस महिला वोटबैंक में सेंध लगाने की है, जिसको भाजपा की जीत का एक बड़ा कारक माना जाता है। आंकड़ों की बात करें तो उत्तर प्रदेश की सियासत में महिला वोटर लगभग 45 फीसद के साथ एक निर्णायक भूमिका में हैं, वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों के समय के आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में 14.40 करोड़ कुल मतदाता हैं, जिसमें से 7.79 करोड़ मतदाता पुरुष और 6.61 करोड़ मतदाता महिला हैं, जिसके हिसाब से राज्य में 45 फीसदी महिला मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग हैं।

इसे भी पढ़ें: लखीमपुर मामले में कांग्रेस को तो न खुदा ही मिला न बिसाले सनम

प्रियंका गांधी की सियासी पहल के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि राज्य में महिला मतदाताओं को अपने पक्ष में आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रकार के नये-नये लोकलुभावन वादों की झड़ी लग सकती है। यह भी तय है कि आने वाले समय में महिलाओं से जुड़े मसले हर राजनीतिक दल के मेनिफेस्टो का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे। महिलाओं के प्रति बढ़ता अपराध और महिलाओं की सुरक्षा का मसला एक बड़ा चुनावी मुद्दा होगा। पार्टी संगठन से लेकर सत्ता में भागीदारी तक व राज्य में महिला सशक्तिकरण के कार्यों पर जमकर चुनावी चर्चा होगी। वैसे भी हर चुनावों में महिलाएं वोट देने के मामले में अन्य वर्ग के मतदाताओं से आगे रहती हैं, इसलिए किसी भी राजनीतिक दल की चुनावी सफलता में महिला मतदाताओं की हमेशा बेहद महत्वपूर्ण भूमिक रहती है।

ऐसे हालात में भी अभी तक देश के सभी राजनीतिक दलों के द्वारा टिकट वितरण के समय में महिला राजनेताओं की हमेशा अनदेखी की जाती रही है, जिसको किसी भी नजरिए से उचित नहीं ठहराया जा सकता है। लेकिन प्रियंका गांधी के सियासी ट्रंपकार्ड के बाद अब उत्तर प्रदेश चुनावों में भाग लेने वाले सभी राजनीतिक दलों को महिला वोट पाने के लिए महिला उम्मीदवारों को नज़रअंदाज करना आसान नहीं है। प्रियंका गांधी ने 40 फीसदी टिकट महिलाओं को देने का दांव चल कर, राज्य के आगामी विधानसभा चुनावों में सपा, बसपा, भाजपा व अन्य सभी दलों के लिए चिंता बढ़ा दी है। अब सभी दलों पर महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा टिकट देने का दबाव बढ़ गया है। ऐसे में आने वाले समय में यह देखना है कि राज्य में राजनीति का ऊंट किस करवट बैठता है और प्रियंका गांधी के इस जबरदस्त सियासी दांव के जवाब में अन्य सभी राजनीतिक दल क्या दांव चलते हैं।

-दीपक कुमार त्यागी

(स्वतंत्र पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक)

प्रमुख खबरें

क्यों लगा Telegram पर अस्थायी Ban? NEET एग्जाम में Paper Leak रोकने के लिए सरकार का मास्टरस्ट्रोक!

कुरकुरी और नॉन-स्टिकी भिंडी बनाने के लिए आजमाए ये स्मार्ट किचन टिप्स

Bhanu Saptami 2026: 21 June को सर्वार्थ सिद्धि योग का महासंयोग, जानें Puja Rules और शुभ मुहूर्त

मोदी सरकारी फैसला: डीजल और एटीएफ के निर्यात पर बढ़ा विंडफॉल टैक्स, पेट्रोल पर मौजूदा दरें बरकरार