By Ankit Jaiswal | Oct 18, 2026
रणजी ट्रॉफी में गुजरात के खिलाफ मुकाबले के पहले दिन दिल्ली के युवा बल्लेबाज और पंजाब किंग्स के सलामी बल्लेबाज प्रियांश आर्य ने अपने पहले दोहरे शतक से सिर्फ 1 रन दूर रह गए। उन्होंने 199 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन आखिरी समय में उनकी गिल्लियां बिखर गईं। इस तरह उनका बड़ा रिकॉर्ड बनाने का सपना अधूरा रह गया।
दिल्ली की शुरुआत हालांकि अच्छी नहीं रही। टीम के दूसरे सलामी बल्लेबाज सनत सांगवान बिना खाता खोले आउट हो गए। शुरुआती झटके के बावजूद प्रियांश ने दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। उन्होंने गुजरात के गेंदबाजों की लाइन और लेंथ को समझते हुए तेजी से रन बनाए और अपने फर्स्ट क्लास करियर का पहला शतक पूरा किया। इसके बाद उनकी बल्लेबाजी और आक्रामक हो गई। देखते ही देखते वह 150 और फिर 180 रन के आंकड़े तक पहुंच गए। ऐसा लग रहा था कि वह पहले ही दिन दोहरा शतक पूरा कर लेंगे।
लेकिन पारी के अंतिम सत्र में कहानी बदल गई। 199 रन पर बल्लेबाजी कर रहे प्रियांश ने पार्ट टाइम गेंदबाज मनन हींगराजिया की गेंद पर 1 रन लेने की कोशिश की। वह गेंद की दिशा को सही तरीके से समझ नहीं पाए और गेंद सीधे विकेटों पर जा लगी। इस तरह वह अपने दोहरे शतक से केवल 1 रन दूर रह गए। उस समय दिल्ली का स्कोर 4 विकेट पर 376 रन था। मौजूद जानकारी के अनुसार, यह विकेट गिरने के बावजूद दिल्ली की स्थिति मजबूत बनी रही।
प्रियांश की इस पारी के साथ मध्यक्रम के बल्लेबाज आयुष बडोनी ने भी शानदार बल्लेबाजी की और शतक पूरा किया। दोनों के योगदान से दिल्ली ने दिन का खेल खत्म होने तक 84 ओवर में 4 विकेट पर 381 रन बना लिए। टीम अब मुकाबले में मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है।
बता दें कि प्रियांश आर्य ने पिछले कुछ समय में सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से काफी चर्चा बटोरी है। दिल्ली प्रीमियर लीग में एक ओवर में 6 छक्के लगाने के बाद वह सुर्खियों में आए थे। इसके बाद आईपीएल की नीलामी में पंजाब किंग्स ने उन्हें 3.8 करोड़ रुपये में खरीदा। आईपीएल में भी उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ केवल 39 गेंदों में शतक लगाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था।
गौरतलब है कि प्रियांश की 199 रन की पारी उनके फर्स्ट क्लास करियर का केवल तीसरा मुकाबला खेलते हुए आई है। वह पिछले सप्ताह बंगाल के खिलाफ दिल्ली के पहले मैच में नहीं खेले थे। 200 रन से चूकने का दर्द जरूर उनके साथ रहेगा, लेकिन इस पारी ने लाल गेंद के क्रिकेट में उनकी क्षमता को साबित किया है। भारतीय क्रिकेट में केएल राहुल और मोहम्मद अजहरुद्दीन जैसे बल्लेबाज भी टेस्ट क्रिकेट में दोहरे शतक से 1 रन दूर रह चुके हैं। अब दिल्ली को उम्मीद होगी कि प्रियांश आने वाले मुकाबलों में भी इसी तरह रन बनाकर टीम को रणजी ट्रॉफी में आगे ले जाने में अहम भूमिका निभाएंगे।