शिक्षा क्षेत्र के लिए 8412 करोड़ का प्रावधान---मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर

By विजयेन्दर शर्मा | Mar 04, 2022

शिमला ।   बजट  में  12921 करोड़ रुपये के विकासात्मक परिव्यय प्रस्तावित हैं, जिसमें विकासात्मक करीब 9534 करोड़ रुपये के प्रस्तावित है। अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम के लिए 2400 तथा जनजाति विकास कार्यक्रम के लिए 865 करोड़ रुपये प्रस्तावित है। विधायक प्राथमिकता योजना के तहत 150 करोड़ का प्रविधान किया है। यह सीमा बढ़ाई गई है। 

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शहीदों और दिव्यांग जवानों के बच्चों को हर महीने 1500 रुपये छात्रवृत्ति मिलेगी। सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में अप्रैल से शुरू हो जाएगा। भाषा अध्यापकों और संस्कृत शिक्षकों का पदनाम अब टीजीटी हिंदी और टीजीटी संस्कृत किया जाएगा। पीजीटी का पदनाम अब प्रवक्ता स्‍कूल किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश में नई बाल पोषण योजना आरंभ की जाएगी। यह योजना सात स्तंभों पर आधारित होगी। इस योजना में बच्चों में डायरिया, उपयुक्त प्रोटीन युक्त आहार, बच्चों गर्भवती धात्री महिलाओं में एनीमिया के उपचार के लिए विशेष प्रयास, उच्च रक्तचाप और अनीमिया से पीड़ित गर्भवती व धात्री दूध पिलाने वाली माताएं और कुपोषित बच्चों का सही उपचार होगा। 

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 इसके तहत 65 करोड़ का प्रविधान किया गया है। हिमाचल प्रदेश में एक हजार आंगनबाड़ी भवन का निर्माण किया जाएगा। वर्तमान में 18925 आंगनबाड़ी केंद्रों में से केवल 2136 आंगनबाड़ी केंद्र विभागीय भवन में चलाए जा रहे हैं। माडल आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 32 करोड़ खर्च किए जाएंगे। महिला स्वयं सहायता समूह के लिए मुख्यमंत्री सहायता योजना प्रति स्वयं सहायता समूह 25 हजार की रिवाल्विंग फंड राशि का प्रविधान किया गया। कृषि सखी को अब 500 रुपये मानदेय प्रतिदिन दिया जाएगा। विधवा पुनर्विवाह के लिए अब 65000 रुपये मिलेंगे। पहले 50 हजार मिलते थे। मुख्यमंत्री सहाय योजना शुरू की जाएगी। यह योजना बेसहारा को सहारा देगी। 12 करोड़ के बजट का प्रविधान किया गया है। पंचवटी योजना में दो हजार वाटिका का निर्माण होगा। मनरेगा के तहत पौधरोपण के लिए पचास करोड़ का प्रविधान किया। कौशल आपके द्वार नई योजना शुरू की, इसमें वेल्डिंग सहित अन्य सेवाएं उपलबध होंगी। 15 करोड़ रुपये की लागत से दो अनाज मंडी बनाई जाएंगी। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा, सौ गांवाें में शुरुआत की जाएगी। दस मंडी में प्राकृतिक खेती के उत्‍पाद बिकेंगे। प्राकृतिक खेती को पाठयक्रम में शामिल किया जाएगा। एक और पुष्प मंडी स्थापित होगी, इस पर 13 करोड़ खर्च होंगे। ड्रैगन फ्रूट की संभावनाओं को तलाशा जाएगा।

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 परंपरागत मक्की के लिए दो करोड़ का प्रावधान किया गया। कृषि क्षेत्र के लिए 2022 में 583 करोड़ का प्रविधान किया गया है। मधुमक्खियों के विकास के लिए 4.50 करोड़ खर्च होंगे। प्रदेश में बागवानी नीति तैयार होगी। 543 करोड़ बागवानी के लिए खर्च होंगे। गोवंश को लेकर सरकार वर्तमान कानून में कड़ा प्रविधान करेगी। यदि आवश्यकता हुई तो नया कानून बनाया जाएगा। पांच बड़ी गो सेंक्‍चुअरी बनाई जाएंगी। गोवंश को अब 500 रुपये के स्थान पर 700 रुपये का प्रविधान किया जाएगा। दूध की खरीद में दो रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की घोषणा की गई। पात्र पशुपालन सहायक को फार्मासिस्ट के पद पर नियुक्त किया जाएगा। इसके लिए आवश्यकतानुसार संबंधित नियमों में बदलाव किया जाएगा। पशुपालकों की सहायता के लिए कॉल सेंटर स्थापित किए जाएंगे।

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