By आरती पांडेय | Sep 27, 2021
वाराणासी। आम जनता की पहुंच से दूर होते जा रहे महंगे अंग्रेजी दवाओं के विकल्प के रूप में जन औषधि योजना के तहत आने वाले जेनेरिक दवाओं ने महंगे अंग्रेजी दवाओं के मूल्य से कई गुना सस्ती अपने 400 उत्पादों के साथ दवाओं की उपस्थिति बाजार में करा कर गरीब मरीजों के लिए वरदान साबित हुआ है। इन जेनेरिक दवाओं के इस्तेमाल किए बिना ही किसी के संदेह करने की अपील के साथ लोगों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से सामाजिक संस्था सुबह-ए- बनारस क्लब के बैनर तले संस्था के अध्यक्ष मुकेश जायसवाल एवं महासचिव राजन सोनी के नेतृत्व में मैदागिन स्थित भारतेंदु पार्क में नित्य प्रतिदिन हजारों टहलने वाले लोगो के बीच जनहित में हाथों में जेनेरिक दवा का डिब्बा लेकर एक जन- जागरूकता अभियान चलाया गया।
आज के इस आधुनिक युग में लोग इलाज के लिए महंगे हो चुके डॉक्टर के फीस एवं महंगे दवाओं के चक्कर में अपनी जमा पूंजी गंवा देते है। ऐसी स्थिति में मानसिक रूप से अपने आप को वह काफी असहाय व लाचार महसूस करता है। ऐसे जरूरतमंदों के लिए बाजार में वरदान के रूप में आए जन औषधि योजना के तहत जेनेरिक दवा बहुत हद तक राहत देने का कार्य कर रहा है। जन औषधि केंद्र पर बिकने वाली जेनेरिक दवाओं को लेकर शुरुआती चरण में इनकी गुणवत्ता को लेकर अफवाहें भी फैलाई गई। मगर वास्तविकता यह है कि इनकी गुणवत्ता चमकीली- भड़कीली पैकिंग में बिकने वाली अग्रेजी दवाओं से कहीं से भी कम नहीं है। कमीशन के चक्कर में फैलाया गए इसके दुष्प्रचार एवं जानकारी ना होने के कारण लोगों में इसके प्रति जागरूकता में काफी कमी है। जो कोई भी जेनेरिक दवा का इस्तेमाल एक बार कर लेता है। उसके बाद उसका रुझान खुद ब-खुद उसकी ओर हो जाता है।