By अभिनय आकाश | Oct 25, 2025
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने पुतिन को झुकाने के लिए बड़ी बड़ी धमकियां दी। लेकिन पुतिन पर इसका कोई खास असर नहीं हुआ। ये देखते हुए ट्रंप ने अब रूस की सबसे बड़ी तेल कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। जिसको लेकर दुनियाभर में बवाल मचा हुआ है। ट्रंप के इस फैसले का असर भारत समेत कई देशों पर भी पड़ेगा। लेकिन इसी बीच पुतिन ने भी कुछ ऐसा किया है, जिसने साफ कर दिया है कि अब रूस और अमेरिका के बीच कोई जंग छिड़ने वाली है। दरअसल, पुतिन के साथ मीटिंग रद्द होने के बाद से ही ट्रंप बुरी तरह बौखलाए हुए हैं। वो रूस का मनोबल कम करने वाले फैसले ले रहे हैं। ऐसे में पुतिन भी एक्शन में हैं। उन्होंने ठान लिया है कि अगर अमेरिका ने कोई भी ऐसी हिमाकत की जिससे रूस का नुकसान हो तो ऐसा जवाब मिलेगा कि उसकी तबाही दुनिया देखेगी।
सबसे पहले ट्रंप ने पुतिन के साथ बुडापेस्ट में होने वालेसमिट को कैंसिल किया और रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके बाद अचानक रूस की तरफ से यूक्रेन में हमले तेज हो गए और पुतिन ने रूस की जल, थल और वायुसेना को एक साथ परमाणु युद्ध अभ्यास करने के निर्देश दे दिए। रूस के मुताबिक ये अभ्यास रूस की न्यूक्लियर ट्राइड यानी जमीन, समुद्र और हवा से हमले की क्षमता के सभी हिस्सों को शामिल करता है। इसके बाद रूस की सबसे पावरफुल परमाणु मिसाइल यार्स को लॉन्च किया गया। ये रूस की लगभग 23 मीटर लंबी आरएस 24 इंटरकांटिनेंटल बैलेस्टिक परमाणु मिसाइल है। निर्देश मिलते ही ये मिसाइल अपने लॉन्चर से ऊपर की तरफ उठी और तेज रफ्तार से अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ गई। ये रूस की सबसे ताकतवर मिसाइलों में से एक मिसाइल है।
बुडापेस्ट में ट्रंप के साथ पुतिन की वार्ता रद्द होने के बाद ये युद्धभ्यास में इस मिसाइल को दिखाने के अपने अलग मायने हैं। लेकिन खास बात ये है कि जब जमीन से ये मिसाइल लॉन्च हो रही थी। उसी वक्त पैरेंट सागर से रूस सबमरीन से परमाणु मिसाल सिनेवा की लॉन्चिंग हुई। इस बीच भारत के प्रधानमंत्री ने अपना मलेशिया दौरा रद्द कर दिया। यहां पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात हो सकती थी। लेकिन अब नहीं होगी।